मध्य क्षेत्रीय परिषद में बोले CM योगी

मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में बोले CM योगी: ‘9 वर्षों में बदला उत्तर प्रदेश, बीमारू से बना देश के विकास की धुरी’


(लखनऊ/बस्तर): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में शिरकत की. बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘टीम भारत’ और सहकारी संघवाद की परिकल्पना को साकार करने में ये क्षेत्रीय परिषदें बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. उन्होंने कहा कि जो उत्तर प्रदेश कभी ‘बीमारू राज्य’ माना जाता था, वह आज देश के विकास की धुरी बन चुका है.

ई-गवर्नेंस और डिजिटल क्रांति में यूपी अव्वल

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में तकनीक और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों के आंकड़े पेश किए:

  • कॉमन सर्विस सेंटर: राज्य की 57,695 ग्राम पंचायतों में 2.33 लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) काम कर रहे हैं, जिससे 44 करोड़ से अधिक नागरिक लाभान्वित हुए हैं.

  • बजट का प्रावधान: उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए ‘यू0पी0 ए0आई0 मिशन’ हेतु 225 करोड़ रुपये तथा क्वांटम व फोटोनिक्स तकनीक के लिए 100 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है.

  • साइबर सुरक्षा: साल 2016 में राज्य में महज 2 साइबर थाने थे, जबकि आज सभी 75 जनपदों में साइबर थाने और हेल्प डेस्क संचालित हैं. वर्ष 2024 से अप्रैल 2026 तक 22,038 साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर 275 करोड़ रुपये बरामद किए गए हैं.

‘नारी गरिमा’ और पोषण स्तर में ऐतिहासिक सुधार

स्वास्थ्य और महिला कल्याण योजनाओं पर बोलते हुए सीएम योगी ने ‘सम्भव अभियान’ और जल जीवन मिशन की सफलता साझा की:

  • हर घर जल: जल जीवन मिशन की शुरुआत में यूपी के केवल 1.96% परिवारों के पास पाइप से पेयजल की सुविधा थी, जो वर्ष 2026 में बढ़कर 91.25% से अधिक हो चुकी है.

  • पुष्टाहार योजना: प्रदेश में हर महीने 1.30 करोड़ बच्चों और 22 लाख गर्भवती व धात्री महिलाओं को अनुपूरक पुष्टाहार दिया जा रहा है. आकांक्षी जिलों में 14-18 वर्ष की बच्चियों के लिए ‘किशोरी बालिका योजना’ चलाई जा रही है.

  • कुपोषण पर प्रहार: ‘सम्भव 5.0’ अभियान के चलते राज्य में स्टंटिंग (Stunting) 46.2% से घटकर 31.06%, वेस्टिंग (Wasting) 16.6% से घटकर 2.33% और अंडरवेट का आंकड़ा 39.6% से घटकर 10.95% पर आ गया है.

  • आयुष्मान भारत: योजना के तहत यूपी में 9.56 करोड़ से अधिक पात्र व्यक्ति शामिल हैं और अब तक 5.73 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं.

‘लॉ ऑफ रूल’ और जीरो टॉलरेंस नीति

कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर यूपी सरकार ने देश में अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई है:

  • पॉक्सो एक्ट में दूसरा स्थान: पॉक्सो एक्ट (POCSO) के मामलों में 99.10% निस्तारण दर के साथ उत्तर प्रदेश पूरे देश में दूसरे स्थान पर है. सभी जनपदों में 242 विशेष लोक अभियोजक तैनात हैं.

  • यूपी-112 का रिस्पॉन्स टाइम घटा: आधुनिक तकनीकों के समन्वय से यूपी-112 का रिस्पॉन्स टाइम जो साल 2023 में 9:50 मिनट था, वह जनवरी-अप्रैल 2026 में घटकर महज 6:24 मिनट रह गया है.

शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और श्रमिक कल्याण

  • एक्सप्रेस-वे और कनेक्टिविटी: देश के कुल एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का 60 प्रतिशत हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में है. हर जिला मुख्यालय को 4-लेन तथा तहसील व ब्लॉक को 2-लेन सड़कों से जोड़ा जा रहा है.

  • स्कूल चलो अभियान: शैक्षिक सत्र 2026 के प्रथम चरण (1-15 अप्रैल) में ही 20 लाख बच्चों का नया नामांकन कराया गया है. साथ ही 150 ‘मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों’ के लिए 4,500 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है.

  • सहकारिता में रिकॉर्ड: ‘सहकार से समृद्धि’ के तहत अप्रैल 2026 तक कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में कार्यरत 5,198 पैक्स (PACS) द्वारा 27.37 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन किए गए हैं, जिसमें यूपी देश में पहले पायदान पर है. विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के तहत राज्य में 83,500 मीट्रिक टन की क्षमता बनाई जा रही है.

श्रम न्याय सेतु: श्रमिकों को त्वरित और पारदर्शी न्याय दिलाने तथा श्रम विवादों के ऑनलाइन निपटारे के लिए राज्य सरकार ने लेबर ई-कोर्ट ‘श्रम न्याय सेतु’ पोर्टल लॉन्च किया है.


गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

(Allrights Magazine)


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