औरैया में रुकवाया दो बेटियों का बाल विवाह

औरैया: योगी सरकार की त्वरित कार्रवाई से टला दो सगी बहनों का बाल विवाह; सुरक्षित हुआ बेटियों का भविष्य

(लखनऊ/: उत्तर प्रदेश में महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर अब धरातल पर साफ दिखाई देने लगा है। औरैया जिले में जिला प्रशासन, पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और बाल कल्याण समिति की संयुक्त और त्वरित कार्रवाई से दो सगी बहनों का बाल विवाह समय रहते रुकवा दिया गया। इस बड़ी कार्रवाई से न सिर्फ दो बेटियों का भविष्य और शिक्षा सुरक्षित हुई, बल्कि समाज में कानून के प्रति जागरूकता का एक कड़ा संदेश भी गया है।

चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर मिली थी गुप्त सूचना

यह संवेदनशील मामला औरैया जिले के थाना ऐरवाकटरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव का है। जिला बाल संरक्षण इकाई की संरक्षण अधिकारी रीना चौहान को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से गुप्त सूचना मिली थी कि गांव में दो नाबालिग बच्चियों की शादी कराई जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और बाल संरक्षण विभाग की संयुक्त रेस्क्यू टीम ने बिना वक्त गंवाए तत्काल मौके पर छापेमारी की।

जांच में सामने आई उम्र की सच्चाई

रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर जब दोनों दुल्हनों और दूल्हे के शैक्षणिक व सरकारी अभिलेखों (दस्तावेजों) की बारीकी से जांच की, तो बाल विवाह का सच सामने आ गया:

  • पहला मामला: बड़ी बहन की उम्र दस्तावेजों में 18 वर्ष थी (जो कि लड़की के लिए वैधानिक है), लेकिन जिस लड़के से उसका विवाह हो रहा था, उसकी उम्र महज 17 वर्ष 4 माह पाई गई।

  • दूसरा मामला: छोटी बहन की उम्र की जांच करने पर पता चला कि वह केवल 14 वर्ष 11 दिन की थी।

‘बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006’ के तहत ये दोनों ही विवाह पूरी तरह से गैरकानूनी और अवैध पाए गए। रेस्क्यू टीम ने तत्काल प्रभाव से शादी की रस्मों को रुकवाया और परिजनों को सख्त हिदायत देते हुए समझाया कि भारत में विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष होना अनिवार्य है।

“बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा ही प्राथमिकता”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के कारण आज प्रदेश की प्रशासनिक टीमें ऐसे संवेदनशील मामलों में तुरंत एक्शन ले रही हैं। बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकने से न केवल बेटियों को अपनी शिक्षा जारी रखने का पूरा अवसर मिलता है, बल्कि कम उम्र में होने वाले मानसिक व शारीरिक शोषण से भी उन्हें सुरक्षा मिलती है। सरकार का मुख्य उद्देश्य बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।

‘मिशन शक्ति’ के तहत हर सूचना पर तत्काल एक्शन: निदेशक सी. इंदुमती

महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक सी. इंदुमती ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में ‘मिशन शक्ति अभियान’ चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “औरैया में जैसे ही बाल विवाह की सूचना मिली, हमारी टीमों ने पुलिस के साथ मिलकर ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई की। हमारा उद्देश्य केवल बाल विवाह जैसी कुरीतियों को रोकना ही नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को जागरूक करना और हर बेटी की शिक्षा, सुरक्षा व उसके मूल अधिकारों की रक्षा करना है। बाल विवाह या महिला उत्पीड़न की किसी भी सूचना पर प्रशासन और बाल संरक्षण इकाइयां 24 घंटे तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार हैं।”



गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

(Allrights Magazine)


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