सीएम विजय ने पीएम मोदी से की मुलाकात
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने की पीएम मोदी से मुलाकात; सीएम बनने के बाद पहला दिल्ली दौरा, अमित शाह से भी मिलने की तैयारी से कांग्रेस में बढ़ी बेचैनी
(नई दिल्ली): तमिलनाडु की राजनीति में आए बड़े बदलाव के बाद अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। तमिलनाडु के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। बीती 10 मई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने के बाद जोसेफ विजय का यह पहला आधिकारिक दिल्ली दौरा है। इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के बाद कयासों का बाजार गर्म है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी उनकी संभावित बैठक की तैयारियों ने विपक्षी खेमे, खासकर कांग्रेस की बेचैनी को काफी बढ़ा दिया है।
ऐतिहासिक जीत के बाद पहला दिल्ली दौरा
सुपरस्टार से राजनेता बने जोसेफ विजय की पार्टी ने हाल ही में संपन्न हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था।
-
सीटों का गणित: राज्य की कुल 234 विधानसभा सीटों में से जोसेफ विजय की पार्टी ने अकेले 108 सीटों पर शानदार जीत दर्ज कर सत्ता की चाबी हासिल की।
-
शिष्टाचार भेंट या नई सियासी राह?: मुख्यमंत्री बनने के बाद इस पहले दौरे को औपचारिक तौर पर एक शिष्टाचार भेंट माना जा रहा है, लेकिन केंद्र और राज्य के बीच विकास कार्यों और नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर इस मुलाकात के गहरे मायने निकाले जा रहे हैं।
कांग्रेस और विपक्षी खेमे में क्यों है बेचैनी?
तमिलनाडु में जोसेफ विजय की इस नई राजनीतिक धमक और सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकातों के सिलसिले ने कांग्रेस को चिंता में डाल दिया है। दरअसल, तमिलनाडु पारंपरिक रूप से द्रविड़ राजनीति और क्षेत्रीय गठबंधनों का गढ़ रहा है, जहां कांग्रेस डीएमके (DMK) के साथ मिलकर लंबे समय से अपनी जमीन बचाए हुए थी। लेकिन अब जोसेफ विजय की पार्टी के इस उभार और केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व से उनकी बढ़ती नजदीकियों के कारण राज्य में पुराने गठबंधन कमजोर पड़ सकते हैं, जिससे विपक्ष की राष्ट्रीय बिसात पर बड़ा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

सामान्य टेस्ट से गालब्लैडर कैंसर की पहचान!
