बिहार: नलकूपों की जिम्मेदारी अब लघु जल संसाधन विभाग को
बिहार: राजकीय नलकूपों के संचालन की कमान अब लघु जल संसाधन विभाग के पास; CM सम्राट चौधरी ने दिए कड़े निर्देश
बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को लोकसेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में राज्य के ट्यूबवेल (नलकूप), तालाब, आहर, पईन और पोखर के रख-रखाव को लेकर कई दूरगामी निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए निर्देश दिया कि अब सभी राजकीय नलकूपों के रख-रखाव और संचालन की पूरी जिम्मेदारी लघु जल संसाधन विभाग संभालेगा।
“हर हाल में चालू रहें ट्यूबवेल, किसानों को न हो दिक्कत”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि मॉनसून की अनिश्चितता को देखते हुए सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त रहनी चाहिए:
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फंक्शनल ट्यूबवेल: राज्य के सभी नलकूप हर हाल में चालू (फंक्शनल) रहने चाहिए, ताकि किसानों को पटवन (सिंचाई) के समय किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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हर खेत तक पानी: सरकार का मुख्य लक्ष्य हर खेत तक पानी पहुंचाना है। इस योजना पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हो।
वार्ड स्तर पर बनेगी ‘मैनेजमेंट कमिटी’
नलकूपों के बेहतर और पारदर्शी संचालन के लिए मुख्यमंत्री ने वार्ड स्तर पर प्रबंधन समितियों (Management Committees) के गठन का आदेश दिया। यह कमिटी स्थानीय स्तर पर नलकूपों की देखरेख और उनकी तकनीकी कमियों को दूर करने का काम करेगी।
पंचायती राज विभाग में बनेगा ‘इंजीनियरिंग सेल’
ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा नीतिगत निर्देश दिया:
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अभियंताओं की बहाली: पंचायती राज विभाग में अब एक विशेष इंजीनियरिंग सेल का गठन किया जाएगा, जिसके तहत नए अभियंताओं (इंजीनियर्स) की बहाली की जाएगी।
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विभागों में समन्वय: लघु जल संसाधन, पर्यावरण-वन-जलवायु परिवर्तन और पंचायती राज विभाग आपस में बेहतर तालमेल (समन्वय) बनाकर काम करेंगे।
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नालों को न ढकें: ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की समीक्षा करते हुए सीएम ने कहा कि गांव के बाहर बहने वाले नालों को ढकने की कोई आवश्यकता नहीं है।
परंपरागत जल स्रोतों का होगा संरक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ तालाब, आहर, पईन और पोखर जैसे पारंपरिक जल स्रोतों की सिंचाई में बहुत बड़ी भूमिका है। इनका रख-रखाव भी वैज्ञानिक और बेहतर ढंग से किया जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि सरकार का अंतिम लक्ष्य किसानों की आमदनी को बढ़ाना और उनके हितों को सुरक्षित रखना है।
बैठक में मौजूद मुख्य गणमान्य व अधिकारी: इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, सचिव मनोज कुमार सिंह और बी. कार्तिकेय धनजी सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
(पटना – जया कुमारी)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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