पर्यटन में बिहार का देश में 9वां स्थान

पर्यटन में बिहार की बड़ी छलांग, विदेशी पर्यटकों के मामले में देश में 9वां स्थान

रिपोर्ट: जया कुमारी

पटना, बिहार: वैश्विक पर्यटन के मानचित्र पर बिहार ने एक बार फिर अपनी मजबूत धमक दर्ज कराई है। ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक समृद्धि की बदौलत विदेशी पर्यटकों के आगमन के मामले में बिहार अब देशभर में शीर्ष राज्यों की सूची में 9वें स्थान पर पहुंच गया है।

बुधवार को सूचना भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान सूबे के पर्यटन मंत्री श्री केदार प्रसाद गुप्ता ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पिछले 5 वर्षों में राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या में 9 गुना की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

क्या कहते हैं पर्यटकों के आंकड़े?

पर्यटन विभाग द्वारा जारी किए गए तुलनात्मक आंकड़े यह साफ दर्शाते हैं कि बिहार में पर्यटन उद्योग कितनी तेजी से पंख फैला रहा है:

  • वर्ष 2020 की स्थिति: बिहार में कुल 59 लाख 52 हजार 604 पर्यटक आए थे। इनमें से 56 लाख 44 हजार 524 घरेलू (देशी) और 3 लाख 8 हजार 80 विदेशी पर्यटक शामिल थे।

  • वर्ष 2025 में भारी उछाल: यह संख्या अभूतपूर्व रूप से बढ़कर 6 करोड़ 62 लाख 12 हजार 415 तक पहुंच गई। इसमें घरेलू पर्यटकों की संख्या 6 करोड़ 54 लाख 68 हजार 527 और विदेशी सैलानियों का आंकड़ा 7 लाख 43 हजार 888 रहा।

  • मौजूदा वर्ष (मई 2026 तक): इस वर्ष केवल मई महीने तक ही रिकॉर्ड 3 करोड़ 42 लाख 34 हजार 761 पर्यटक बिहार भ्रमण पर आ चुके हैं, जिनमें 5 लाख 50 हजार 548 विदेशी सैलानी शामिल हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार को लेकर सरकार की बड़ी योजनाएं

पर्यटन मंत्री ने राज्य को वैश्विक हब बनाने के लिए चल रही बड़ी ढांचागत विकास योजनाओं का खाका पेश किया:

  1. क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय: पर्यटकों की सहायता और सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य के सभी जिलों में एक-एक क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय स्थापित किया जाएगा।

  2. रोजगार की बहार: ‘मुख्यमंत्री होम स्टे योजना’ के जरिए राज्य के 20 लाख से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

  3. धार्मिक व सांस्कृतिक कॉरिडोर: सीतामढ़ी के पुनौराधाम में मां जानकी मंदिर का भव्य निर्माण कार्य आगामी 3 वर्षों में पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही ‘विष्णुपद कॉरिडोर’ और ‘महाबोधि-राजगीर-नालंदा कॉरिडोर’ का मास्टर प्लान तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है, जिसे ‘स्वदेश दर्शन-2’ योजना के तहत विकसित किया जाएगा।

  4. बजटीय आवंटन: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य योजना मद से पर्यटन विकास हेतु ₹1,301 करोड़ की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है।

गाइडों को भाषा ट्रेनिंग, जल्द शुरू होगी बैंककॉक के लिए सीधी उड़ान

प्रेस वार्ता में मौजूद पर्यटन निदेशक उदयन मिश्रा ने बताया कि विदेशी सैलानियों की भाषाई सहूलियत के लिए बोधगया में गाइडों को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। आगामी 23, 24 और 25 जुलाई से नालंदा विश्वविद्यालय में पहले बैच के 50 गाइडों को बर्मी (वर्मा), थाईलैंड (थाई), जापानी और चीनी जैसी कठिन विदेशी भाषाओं का पेशेवर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसके अलावा, पर्यटन को गति देने के लिए गया से बैंककॉक के लिए सीधी विमान सेवा जल्द ही बहाल होने जा रही है। सैलानियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘पर्यटक पुलिस’ (Tourist Police) की अवधारणा पर भी तेजी से काम चल रहा है।

नए स्वरूप में दिखेगा श्रावणी मेला: ड्रोन और लेजर शो का आकर्षण

इस बार का सुप्रसिद्ध श्रावणी मेला कांवरियों और श्रद्धालुओं के लिए बेहद अनूठा और डिजिटल सुविधाओं से लैस होगा। मेले के इतिहास में पहली बार भव्य ड्रोन शो, लेजर शो और संगीतमय वाटर फाउंटेन का आयोजन किया जाएगा। कांवरिया मार्ग पर कुल 101 स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 11 विशेष द्वारों पर थके हुए शिवभक्तों को राहत देने के लिए ‘वाटर मिस्ट’ (पानी की हल्की फुहार) और निरंतर ‘शिव भजन’ की विशेष व्यवस्था की जाएगी।


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