शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े वांगचुक

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े सोनम वांगचुक को मिलेगा अरविंद केजरीवाल का साथ; राकेश टिकैत भी पहुंचेंगे जंतर-मंतर

नई दिल्ली: देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी के जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन अब और बड़ा रूप लेता जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नेतृत्व में जारी इस अनिश्चितकालीन आंदोलन को समर्थन देने के लिए गुरुवार शाम कई बड़े राजनीतिक और किसान नेता प्रदर्शन स्थल पर पहुंचेंगे।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी और भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत शाम 5 बजे जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात करेंगे और उनके इस अभियान को अपना खुला समर्थन देंगे।

देशभर में एक दिन की सांकेतिक भूख हड़ताल का आह्वान

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी इस आंदोलन को राष्ट्रव्यापी बनाने के लिए गुरुवार को देश की जनता से एक दिन की सांकेतिक भूख हड़ताल करने की पुरजोर अपील की है:

  • #ISupportSonam अभियान: उन्होंने अपील की है कि जो भी नागरिक देश की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त देखना चाहते हैं, वे एक दिन का उपवास रखें।

  • सोशल मीडिया पर विरोध: उपवास रखने वाले लोग अपनी खाली थाली की तस्वीर सोशल मीडिया पर #ISupportSonam हैशटैग के साथ साझा करते हुए इस मुहिम से जुड़ें।

  • व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई: अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल सोनम वांगचुक के व्यक्तिगत समर्थन का नहीं है, बल्कि यह पूरी शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और कड़े सुधारों की मांग का एक बड़ा प्रतीक है।

28 जून से अनशन पर हैं वांगचुक, तेजी से गिर रहा है स्वास्थ्य

उल्लेखनीय है कि सोनम वांगचुक 28 जून से इस आंदोलन में शामिल हुए थे और तभी से वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इससे पहले सोमवार को भी ‘आप’ की वरिष्ठ नेता आतिशी ने जंतर-मंतर जाकर वांगचुक से मुलाकात की थी और उनके स्वास्थ्य का हाल जाना था।

आंदोलन के प्रमुख बिंदु विवरण
अनशन की शुरुआत 28 जून से (अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल)
मुख्य मांगें NEET व अन्य परीक्षाओं में अनियमितताओं पर कार्रवाई, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
आयोजक बैनर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) एवं छात्र संगठन
स्वास्थ्य की स्थिति 17 दिनों में करीब 8.5 किलोग्राम वजन घटा, डॉक्टर चिंतित

चिकित्सकों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है, लेकिन वजन में आई इस भारी गिरावट ने उनके समर्थकों और डॉक्टरों की चिंता को काफी बढ़ा दिया है। इसके बावजूद वांगचुक राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) लीक मामले और व्यापक शिक्षा सुधारों को लेकर अपनी मांगों पर मजबूती से अड़े हुए हैं।

राष्ट्रीय आंदोलन एवं राजनीति: नई दिल्ली

ऑल राइट्स मैगज़ीन (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)


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