बिहार: 3छात्रों का महाआंदोलन जारी
बिहार में छात्रों का प्रचंड आंदोलन: सड़क से लेकर ट्रैक तक जाम, बेबस दिखी पुलिस, युवाओं ने फिर दिखाया ‘क्रांति’ का रास्ता
विशेष प्रादेशिक एवं युवा ब्यूरो: पटना (बिहार)
बिहार में एक बार फिर छात्रों और युवाओं के आक्रोश का लावा फूट पड़ा है। अपनी विभिन्न मांगों, भर्ती परीक्षाओं में धांधली और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरे आक्रोशित छात्रों ने प्रशासन की नाक में दम कर दिया है। राज्य के प्रमुख शहरों से लेकर रेलवे ट्रैकों तक छात्रों के भारी हुजूम और प्रदर्शन के आगे पुलिस-प्रशासन पूरी तरह बेबस और असहाय नजर आ रहा है।
सड़कों पर उतरे हज़ारों युवाओं के बुलंद हौसलों और अनुशासित घेराबंदी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब हक़ और अधिकार की बात आती है, तो ‘बिहार के छात्र आंदोलन कैसे करते हैं!’
चक्का जाम, थमा पहिया: प्रशासन के छूटे पसीने
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सड़कों पर उतरा जनसैलाब: राजधानी पटना समेत मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर और दरभंगा जैसे प्रमुख जिलों में सुबह से ही छात्र सड़कों पर उतर आए।
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यातायात पूरी तरह ठप्प: मुख्य चौराहों और राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) को छात्रों ने पूरी तरह से जाम कर दिया। पुलिस बल भारी संख्या में मौजूद रहने के बावजूद भीड़ के आगे लाचार दिखा।
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शांतिपूर्ण लेकिन आक्रामक रुख: पुलिस द्वारा जगह-जगह लगाए गए बैरिकेड्स को छात्रों के हुजूम ने मिनटों में किनारे कर दिया। पुलिस प्रशासन केवल मूकदर्शक बनकर स्थिति को संभालने की नाकाम कोशिश करता नजर आया।
“हक़ मांग रहे हैं, भीख नहीं”: छात्रों की हुंकार
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे अपने अधिकारों, पारदर्शी परीक्षाओं और रोजगार की मांग को लेकर लगातार शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं, लेकिन जब-जब प्रशासन उनकी अनदेखी करता है, तब-तब उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
“बिहार का इतिहास हमेशा से क्रांतियों और आंदोलनों का रहा है। जब युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा, तो देश को आंदोलन का असली रास्ता बिहार के छात्र ही दिखाएंगे।” — प्रदर्शनकारी छात्र
पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर, जगह-जगह भारी पुलिस बल तैनात
हालात बिगड़ते देख राज्य भर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। हालांकि, कई जगहों पर पुलिस द्वारा छात्रों को समझाने-बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रशासन अब जिला स्तर पर छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत करने की कोशिश में जुटा है ताकि स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सके।
प्रादेशिक एवं युवा ब्यूरो: बिहार
ऑल राइट्स मैगज़ीन (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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