बेंगलुरु: ED ने लौटाए 70 करोड़ के फ्लैट्स
बेंगलुरु में ED की बड़ी कार्रवाई: DSK ग्रुप केस में निवेशकों के फ्लैट्स वापस, 70 करोड़ रुपये का तोहफा
विशेष रिपोर्ट: अनिल बेदाग
मुंबई/बेंगलुरु: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुंबई जोनल ऑफिस ने वित्तीय धोखाधड़ी के पीड़ितों को राहत पहुंचाते हुए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। डीएसके ग्रुप की कंपनी मैसर्स डीएसके साउदर्न प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (M/s. DSK Southern Projects Pvt. Ltd.) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने 14 लग्जरी आवासीय फ्लैट्स को सफल रिजॉल्यूशन एप्लिकेंट को आधिकारिक तौर पर सौंप दिया है। बाजार में इन फ्लैटों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 70 करोड़ रुपये है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मिली बड़ी सफलता संपत्ति की यह बहाली (Restitution) सुप्रीम कोर्ट द्वारा 16 जुलाई 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 8(8) के तहत दिए गए आदेश के अनुपालन में की गई है। ईडी की टीम ने 14 अगस्त 2026 को बेंगलुरु के बेगुर होब्ली स्थित हुलीमावु गांव की बहुचर्चित इमारत ‘मंतरी डीएसके पिनेकल’ (Mantri DSK Pinnacle) में स्थित इन सभी 14 फ्लैटों का वास्तविक कब्जा सौंप दिया है।
1,129 करोड़ रुपये के घोटाले का है मामला यह मामला पुणे आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा डीएसके ग्रुप के दीपक सखाराम कुलकर्णी और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुआ था। जांच में खुलासा हुआ था कि धोखाधड़ी वाली जमा योजनाओं (Fraudulent Deposit Schemes) के जरिए निवेशकों से जुटाए गए पैसों की जमकर हेराफेरी की गई। इसमें ‘अपराध की कमाई’ (Proceeds of Crime) लगभग 1,129 करोड़ रुपये आंकी गई थी। इससे पहले ईडी ने फरवरी 2019 में 904 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की थी, जिसे बाद में विशेष PMLA कोर्ट द्वारा सही ठहराया गया था।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

