बरेली श्री हरि मंदिर भागवत कथा तीसरा दिन

बरेली: ‘श्रीमद्भागवत गीता का पाठ और नाम जप दूर करेगा मन के विकार’—राष्ट्रीय संत श्री गोविंद देव गिरी जी महाराज; मॉडल टाउन श्री हरि मंदिर में तृतीय दिवस की कथा संपन्न

रिपोर्ट: विशेष ब्यूरो (बरेली)

(बरेली): उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के मॉडल टाउन स्थित श्री हरि मंदिर में आयोजित सात दिवसीय भव्य श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। दिनांक 28 मई 2026 को परम पूज्य राष्ट्रीय संत श्री गोविंद देव गिरी जी महाराज ने तृतीय दिवस की कथा का रसमयी व्याख्यान किया। महाराज जी ने व्यासपीठ से जीवन दर्शन और मन की शुद्धता को लेकर कई गूढ़ बातें कहीं, जिसे सुनकर उपस्थित भक्तगण भावविभोर हो उठे।

“जैसा दृश्य बार-बार देखेंगे, बुद्धि वैसी ही हो जाएगी” — श्री गोविंद देव गिरी जी

कथा व्यास श्री गोविंद देव गिरी जी महाराज ने पुराणों और महापुराणों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भक्तों को जीवन का मूल मंत्र दिया:

  • बुद्धि और दृश्यों का प्रभाव: महाराज जी ने कहा कि जब पुराण की बात चलती है, तो पुराण के पांच विषय और महापुराण के दस विषय हमें यह बताते हैं कि जीवन में क्या देखना चाहिए और क्या नहीं देखना चाहिए। जो दृश्य बार-बार देखा जाता है, मनुष्य की बुद्धि भी वैसी ही रूपरेखा अख्तियार कर लेती है। बड़े-बड़े बुद्धिमानों पर भी यह माया अपना डोरा डाल देती है।

  • तन के साथ मन का ध्यान जरूरी: भगवान वेदव्यास जी के प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तम पुरुष वे होते हैं जो अपने मन की स्वाभाविकता और पवित्रता का हमेशा ध्यान रखते हैं। तन (शरीर) की सुंदरता और स्वच्छता का ध्यान तो हर कोई रखता है, लेकिन आत्मा के कल्याण के लिए मन का साफ होना सबसे जरूरी है।

  • विकारों का एकमात्र इलाज भगवद भजन: महाराज जी ने भक्तों को सीख दी कि जब भी मन में किसी प्रकार का विकार, तनाव या बुरा विचार आए, तो तुरंत श्रीमद्भागवत गीता का पाठ करना चाहिए या फिर भगवान का भजन—“कृष्ण गोविंद नारायण हरि” गुनगुनाना चाहिए। गीता का पाठ करने से मनुष्य के सारे क्लेश दूर हो जाते हैं और साक्षात श्रीकृष्ण की प्राप्ति होती है, इसलिए सदैव नाम जपते रहना चाहिए।

कथा से पूर्व प्रतिदिन हो रही ‘मानस चर्चा’

मंदिर के सचिव रवि छाबड़ा ने बताया कि श्री हरि मंदिर में इस पावन कथा के आयोजन के साथ-साथ एक और आध्यात्मिक धारा बह रही है। प्रतिदिन मुख्य श्रीमद्भागवत कथा शुरू होने से पूर्व शाम 4:30 बजे से 5:30 बजे तक डॉ. श्री बृजेश यादव द्वारा विशेष ‘मानस चर्चा’ (रामचरितमानस पर संवाद) की जा रही है, जिसका लाभ भी सैकड़ों श्रद्धालु उठा रहे हैं।

पुष्प वर्षा कर महाराज जी का भव्य स्वागत

कथा की शुरुआत से पूर्व महाराज गोविंद देव गिरी जी ने मंदिर में विराजमान श्री युगल जोड़ी सरकार (राधा-कृष्ण) व अन्य देवी-देवताओं के श्री चरणों में नमन कर बरेली वासियों के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद महिला मंडल की सदस्यों ने पंक्तिबद्ध होकर महाराज जी पर पुष्पों की भारी वर्षा की और उनका स्वागत किया।

व्यासपीठ पर महाराज जी का औपचारिक स्वागत मंदिर के अध्यक्ष सुशील अरोड़ा, सचिव रवि छाबड़ा, उपाध्यक्ष अश्विनी ओबेरॉय, संजय आनंद, गोविंद तनेजा, रंजन कुमार, अतुल कपूर, मोहता जी, राज कुमार अग्रवाल व अन्य प्रमुख भक्तों द्वारा माला पहनाकर किया गया।

1 जून तक बहेगी भागवत ज्ञान की गंगा

तीसरे दिन की कथा के विश्राम (आरती) के अवसर पर मंदिर के सचिव रवि छाबड़ा ने सभी उपस्थित भक्तों को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा:

“यह हम समस्त बरेली वासियों का परम सौभाग्य है कि परम पूज्य गुरुदेव के श्री चरण हमारे शहर और इस मंदिर में पड़े हैं। यह दिव्य कथा आगामी 1 जून 2026 तक प्रतिदिन शाम 5:30 बजे से रात्रि 9:30 बजे तक अनवरत रूप से चलती रहेगी।”

कथा में शहर के ये गणमान्य लोग रहे मौजूद

धार्मिक अनुष्ठान के तीसरे दिन मुख्य रूप से कृष्ण कुमार मोहता, विश्वनाथ सिकरिया, राज कुमार अग्रवाल, अतुल कपूर, नवीन अरोरा, बंसल जी, विजय गोयल, दीपक अरोरा, अनिल ग्रोवर, गिरीश आनंद सहित शहर के सैकड़ों प्रतिष्ठित नागरिक, श्रद्धालु और माताएं-बहनें दिव्य रसपान के लिए उपस्थित रहीं।


बरेली से अमरजीत की रिपोर्ट

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

(Allrights Magazine)


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