बरेली से चुनाव लड़ेंगे गौरव सक्सेना
बरेली: आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में ताल ठोकेंगे युवा व्यापारी नेता गौरव सक्सेना; उद्योग व्यापार मंडल सुरक्षा फोरम ने लिया बड़ा फैसला
रिपोर्ट: विशेष ब्यूरो (बरेली)
(बरेली): उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। दिनांक 28 मई 2026 को उद्योग व्यापार सुरक्षा मंडल के पदाधिकारियों, सदस्यों, शहर के युवा व्यापारियों और सहयोगियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से संगठन के अध्यक्ष गौरव सक्सेना को आगामी 2027 के चुनाव में 124 विधानसभा क्षेत्र (बरेली शहर) से बतौर उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारने का बड़ा फैसला लिया गया। सहयोगियों ने गौरव सक्सेना के लंबे समय से जारी जनहित के संघर्ष, उनकी उच्च शिक्षा और युवाओं व व्यापारियों के मुद्दों पर मुखर रहने वाले व्यक्तित्व को देखते हुए यह आवाहन किया है।
“पूंजीपतियों ने राजनीतिक व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है” — गौरव सक्सेना
चुनावी मैदान में उतरने के फैसले और साथियों के प्रोत्साहन पर आभार व्यक्त करते हुए उद्योग व्यापार सुरक्षा मंडल के अध्यक्ष गौरव सक्सेना ने मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर तीखा प्रहार किया:
“आज के राजनीतिक परिवेश में एक आम और संघर्षशील युवा के हाथों में सिर्फ संघर्ष ही रह गया है, क्योंकि पूंजीपतियों ने पूरी राजनीतिक व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है और राजनीतिक पार्टियां भी इसमें उनका बखूबी साथ दे रही हैं। यही वजह है कि एक आम नागरिक तक मूलभूत आवश्यकताएं और सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही हैं। बरेली में सकारात्मक बदलाव लाने और व्यापार, रोजगार, शिक्षा, सुरक्षा व समृद्धि को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मैं अपने साथियों, व्यापारियों और युवाओं की इस अपेक्षा पर पूरी तरह खरा उतरूंगा।”
बरेली अब बदलाव मांग रही है: युवा और वरिष्ठ व्यापारियों ने किया समर्थन
बैठक में मौजूद शहर के युवा और स्व-रोजगार से जुड़े दिग्गजों ने गौरव सक्सेना की उम्मीदवारी को बरेली के भविष्य के लिए बेहद जरूरी बताया:
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दिलीप खुराना (युवा व्यापारी): हमें राजनीति में ऐसे युवाओं को आगे लाना होगा जो सदैव जनता के बीच रहकर उनकी आवाज उठाते आए हैं। गौरव सक्सेना से बेहतर और सकारात्मक सोच वाला प्रत्याशी बरेली शहर के लिए कोई दूसरा नहीं हो सकता।
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रौनक़ जॉली: बरेली की जनता अब पुरानी और घिसी-पिटी राजनीति से ऊब चुकी है, जहाँ युवाओं को आगे नहीं आने दिया जाता। शहर में न व्यापार सुरक्षित है और न रोजगार की सही व्यवस्था। गौरव भैया बचपन से ही बिना किसी राजनीतिक गॉडफादर के अपनी योग्यता और अनुभव के दम पर जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं।
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शिवम सक्सेना (युवा स्वरोजगारी): आज के इस दौर में जहाँ केवल ‘राजा का बेटा ही राजा बनेगा’ जैसी मानसिकता हावी है, वहाँ आम युवाओं के सामने खुद को स्थापित करने की बड़ी चुनौती है। ऐसे में युवाओं को खुद जिम्मेदारी लेकर आगे आना होगा और गौरव सक्सेना इसके लिए सबसे सशक्त विकल्प हैं।
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चेतन गुजराल: गौरव सक्सेना ने कभी भी बड़ी राजनीतिक पार्टियों या रसूखदार नेताओं के आगे-पीछे घूमकर अपना इस्तेमाल नहीं होने दिया। उन्होंने जमीन पर रहकर अपनी योग्यता से जनता के बीच यह पहचान बनाई है।
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अमित कंचन: बरेली में एम्स (AIIMS) अस्पताल की मांग को लेकर सबसे पहले ज्ञापन देने वाले और शिक्षा व्यवस्था पर हर वर्ष प्रशासन को घेरने वाले गौरव सक्सेना ही हैं। अगर ऐसे जमीन पर संघर्ष करने वाले व्यक्ति को आगे नहीं लाया गया, तो हम शहर को निजीकरण के हाथों में सौंपने से नहीं बचा पाएंगे। आराम की राजनीति करने वालों को अब जनता नकार देगी।
बैठक में शहर के ये प्रमुख चेहरे रहे उपस्थित
गौरव सक्सेना को विधानसभा चुनाव लड़ाने के इस ऐतिहासिक फैसले के दौरान शहर के कई नामी और वरिष्ठ व्यापारी मुख्य रूप से मौजूद रहे, जिनमें रचित जौहरी, अंकित खंडूजा, आकाश शर्मा, पुनीत अनेजा, केतन अरोड़ा, शिशिर श्रीवास्तव, गुलशन डंग, राहुल वर्मा, अनूप गुप्ता, शैलेंद्र सिंह, नवीन राजपूत, गिरीश यादव, ऋषि वर्मा और तनवीर खान आदि शामिल थे। सभी ने एक सुर में गौरव सक्सेना को भारी मतों से विजयी बनाने का संकल्प लिया।
बरेली से अमरजीत की रिपोर्ट
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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