बरेली: डेलापीर पर गौवंश की दुर्दशा
राजेंद्र नगर डेलापीर पर गौ माता की दुर्दशा
बरेली: शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक राजेंद्र नगर डेलापीर पर बेसहारा गौवंश की दुर्दशा को लेकर स्थानीय जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश है। सड़क पर लाचार और बीमार स्थिति में घूम रहे इन बेजुबान पशुओं की सुध न लेने पर प्रशासनिक व्यवस्था और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस क्षेत्र के आसपास ही सत्ताधारी दल के कई बड़े और रसूखदार जनप्रतिनिधि निवास करते हैं। इसके बावजूद धरातल पर गौ माता की इस बदहाली पर सभी जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं। चुनावी मंचों और राजनीतिक भाषणों में गौ संरक्षण का मुद्दा बढ़-चढ़कर उठाने वाले नेताओं की अपने ही क्षेत्र में यह उदासीनता लोगों के गले नहीं उतर रही है।
व्यवस्था और मानसिकता पर कड़ा प्रहार
सड़कों पर प्लास्टिक खाने और हादसों का शिकार होने को मजबूर गौवंश की यह स्थिति सीधे तौर पर नगर निगम और मुख्य पशु चिकित्सा विभाग की लापरवाही को उजागर करती है। समाज में एक ओर जहां गौ माता को पूजनीय माना जाता है, वहीं दूसरी ओर उनकी इस तरह उपेक्षा करना व्यवस्था की दोहरी मानसिकता को दर्शाता है।
समाधान के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग
पशु क्रूरता और उपेक्षा के ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की राजनीति से ऊपर उठकर प्रशासन को तुरंत एक्शन लेना चाहिए। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि:
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नगर निगम की रेस्क्यू टीम और पशु चिकित्सा अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर बीमार गौवंश का इलाज सुनिश्चित करें।
क्षेत्र के सभी बेसहारा पशुओं को सुरक्षित रूप से नजदीकी सरकारी गौशालाओं में स्थानांतरित कर उनके चारे-पानी का उचित प्रबंध किया जाए
मयंक शुक्ला
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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