बरेली: कोहाड़ापीर में दुकानों पर डर

Bareilly: कोहाड़ापीर में ‘लाल निशान’ का खौफ! नगर निगम की कार्रवाई से उजड़ेंगे 60 शोरूम, व्यापारियों में भारी आक्रोश

रिपोर्टर: रोहिताश कुमार, बरेली

बरेली News: उत्तर प्रदेश के बरेली शहर का व्यस्त कोहाड़ापीर-धर्मकांटा मार्ग इन दिनों खौफ और सन्नाटे के साये में है। सीएम ग्रिड योजना (CM Grid Scheme) के दूसरे चरण के तहत सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू होते ही नगर निगम ने करीब 60 दुकानों पर लाल निशान लगा दिए हैं। सोमवार को हुई इस कार्रवाई के बाद से ही व्यापारियों की नींद उड़ी हुई है और बाजार में अफरा-तफरी का माहौल है।

31-31 फीट की नापजोख: “आजादी से पहले की दुकानों को बताया अवैध”

नगर निगम की टीम ने सड़क के दोनों ओर 31-31 फीट की नापजोख की है। व्यापारियों का आरोप है कि निगम प्रशासन 1920 और 1944 के पुराने नक्शों को आधार बनाकर उनकी वैध संपत्तियों को अवैध घोषित कर रहा है। कई दुकानदारों का दावा है कि उनके पास आजादी के समय के पक्के दस्तावेज मौजूद हैं, फिर भी उनकी तीन पीढ़ियों की मेहनत पर बुलडोजर का खतरा मंडरा रहा है।

“बीजेपी का सिपाही हूं, फिर भी नहीं बची दुकान”

कार्रवाई के दौरान सियासी गलियारों में भी हलचल दिखी। बीजेपी के सक्रिय कार्यकर्ता तुषार ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, “मैं सालों से पार्टी का सिपाही हूं, लेकिन आज मेरी ही दुकान पर 5 मीटर का लाल निशान लगा दिया गया।” व्यापारियों का कहना है कि पहले कोरोना और फिर महादेव सेतु निर्माण के कारण वे पहले ही आर्थिक तंगी झेल रहे हैं, अब यह कार्रवाई उन्हें पूरी तरह बर्बाद कर देगी।

गंभीर आरोप: “पेट्रोल पंप को बचाने के लिए टेढ़ी की गई नाप”

ऑटोमोबाइल कारोबारी जुहेब और अन्य दुकानदारों ने नगर निगम की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। व्यापारियों का संगीन आरोप है कि:

  • सड़क के सेंटर से सही नाप नहीं ली गई है।

  • एक प्रभावशाली पेट्रोल पंप को बचाने के लिए दूसरी तरफ की दुकानों को 9 से 16 फीट तक ज्यादा दबाया जा रहा है।

  • कई दुकानों में अब मात्र 3 से 4 फीट जगह बच रही है, जिसमें व्यापार करना नामुमकिन है।

“यह शहर की सड़क है, कोई एक्सप्रेस-वे नहीं। अगर चौड़ाई 62 फीट के बजाय 50 फीट रखी जाए, तो सैकड़ों परिवारों का रोजगार बच सकता है।”व्यापारी संघ, बरेली

मुख्यमंत्री से गुहार, बड़े आंदोलन की चेतावनी

कोहाड़ापीर के व्यापारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। व्यापारियों का साफ कहना है कि यदि नापजोख के तरीके में संशोधन नहीं किया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। पूरे इलाके में आक्रोश चरम पर है और जल्द ही एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है।


मुख्य बिंदु एक नजर में: | मुद्दा | विवरण | | :— | :— | | योजना | सीएम ग्रिड योजना (द्वितीय चरण) | | प्रभावित क्षेत्र | कोहाड़ापीर से धर्मकांटा मार्ग, बरेली | | दुकानों की संख्या | लगभग 60 दुकानें चिन्हित | | मुख्य मांग | सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई 62 फीट से घटाकर 50 फीट करना |


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