बरेली लोक अदालत: 2.45 लाख मामले हल
बरेली: राष्ट्रीय लोक अदालत में राहत की बारिश, 2.45 लाख से ज्यादा मामलों का हुआ निपटारा
बरेली: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को बरेली में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत आम जनता के लिए बड़ी राहत लेकर आई। जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह-द्वितीय द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अदालत में वर्षों से लंबित विवादों को आपसी सहमति और समझौते के जरिए समाप्त किया गया।
आंकड़ों में लोक अदालत की सफलता
राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी और अपर जिला जज उमा शंकर कहार ने इस आयोजन की सफलता के प्रभावशाली आंकड़े साझा किए:
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कुल निस्तारित मामले: 2,45,366
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कुल सेटलमेंट राशि: ₹18 करोड़ 14 लाख से अधिक।
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बैंक रिकवरी: बैंक ऋण से जुड़े 893 मामलों में करीब ₹11 करोड़ 59 लाख की वसूली सुनिश्चित की गई।
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ई-चालान: ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े 1,08,309 ई-चालानों का निपटारा किया गया।
टूटे हुए परिवारों को मिला नया जीवन
लोक अदालत में मानवीय पक्ष भी उभर कर सामने आया, जहाँ पारिवारिक न्यायालयों के हस्तक्षेप से 99 पति-पत्नी के बीच समझौता हुआ।
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प्रधान न्यायाधीश मोहम्मद अशरफ अंसारी ने 45 और अपर प्रधान न्यायाधीश संजय कुमार सिंह ने 54 परिवारों को फिर से साथ रहने के लिए राजी किया। इससे कई बच्चों का भविष्य और परिवार टूटने से बच गए।
विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी
अदालतों के अलावा कई प्रशासनिक विभागों ने भी सक्रियता दिखाते हुए हजारों पेंडिंग फाइलें बंद कीं:
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श्रम विभाग: 6,507 मामलों का निपटारा कर ₹2.76 करोड़ की समझौता राशि तय कराई।
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सरकारी विभाग: नगर निगम, परिवहन, स्वास्थ्य, बीएसएनएल और जिला पंचायत राज विभाग ने भी हजारों विवादों का समाधान किया।
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उपभोक्ता फोरम: यहाँ भी लंबे समय से लंबित शिकायतों को आपसी बातचीत से सुलझाया गया।
कैदियों के कौशल की प्रदर्शनी और हेल्प डेस्क
लोक अदालत परिसर को केवल कानूनी कार्यवाही तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे सामाजिक सरोकार से भी जोड़ा गया:
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जेल प्रदर्शनी: बरेली जेल के कैदियों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प और औषधीय पौधों की प्रदर्शनी लगाई गई।
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ODOP: ‘एक जनपद एक उत्पाद’ के तहत स्थानीय उत्पादों की भी प्रदर्शनी और बिक्री हुई।
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सहायता केंद्र: पैरा लीगल वालंटियरों ने हेल्प डेस्क के माध्यम से आने वाले लोगों को सही मार्गदर्शन दिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव जया प्रियदर्शिनी ने सफल आयोजन पर खुशी जताते हुए कहा कि लोक अदालत का मूल उद्देश्य लोगों को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय प्रदान करना है, जिसमें इस बार बरेली ने ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है।
बरेली से रोहिताश कुमार
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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