बरेली: बजरंग दल नेताओं पर मुकदमा दर्ज
बरेली: एसएसआई जावेद अली को फंसाने की कोशिश पड़ी महंगी; बजरंग दल जिला अध्यक्ष समेत 3 पर मुकदमा दर्ज
(बरेली: ब्यूरो रिपोर्ट)
बरेली के थाना सीबीगंज क्षेत्र की आरटीआई कॉलोनी में शुक्रवार को हुआ हाईप्रोफाइल हंगामा अब बजरंग दल के नेताओं के लिए गले की हड्डी बन गया है। जिस मामले को ‘नैतिकता’ का रंग देकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था, एसएसपी की जांच के बाद वह पूरी तरह से पलट गया है। अब हंगामा करने वाले ही पुलिस और कानून के घेरे में आ गए हैं।
क्या था विवाद?
शुक्रवार को सीबीगंज में तैनात वरिष्ठ उप निरीक्षक (SSI) जावेद अली के कमरे में एक महिला की मौजूदगी को लेकर राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला अध्यक्ष रोहित गंगवार ने अपने समर्थकों के साथ धावा बोल दिया।
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हंगामा: कार्यकर्ताओं ने दरवाजा पीटकर नारेबाजी की और पुलिस की मौजूदगी में ही हंगामा खड़ा कर दिया।
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सोशल मीडिया: घटना का वीडियो बनाकर सांप्रदायिक और आपत्तिजनक दावों के साथ सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जिससे पुलिस महकमे में खलबली मच गई।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर सीओ द्वितीय अंजनी कुमार तिवारी और सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने मामले की गहनता से जांच की। जांच में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे घटनाक्रम का रुख बदल दिया:
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महिला का पक्ष: पूछताछ में 32 वर्षीय महिला (निवासी रामपुर) ने बताया कि वह बरेली के डेलापीर में रहती है और लंबे समय से दरोगा जी के घर घरेलू कामकाज (Cleaning/Cooking) करती है।
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सच्चाई: घटना वाले दिन भी वह अपने निर्धारित समय पर सफाई और काम करने आई थी, जिसे गलत रंग देने की कोशिश की गई।
मारपीट और अभद्रता का आरोप
महिला ने पुलिस को दिए बयान में बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
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अभद्रता: अचानक भीड़ कमरे में घुसी और उसके साथ बदतमीजी की।
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धमकी: विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
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बदनामी: महिला का आरोप है कि उसे और दरोगा को बदनाम करने की नीयत से जानबूझकर वीडियो रिकॉर्ड कर वायरल किया गया।
कानूनी कार्रवाई: जिला अध्यक्ष पर केस दर्ज
महिला की तहरीर और जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना सीबीगंज में राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला अध्यक्ष रोहित गंगवार, श्याम पाल और एक अन्य अज्ञात के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
प्रशासन का रुख:
“किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने या किसी की निजता का उल्लंघन कर उसे बदनाम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। महिला के बयान और साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, दोषियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई होगी।” — अंजनी कुमार तिवारी, सीओ
इस घटना ने साफ कर दिया है कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए किसी पुलिस अधिकारी या नागरिक की छवि धूमिल करने की कोशिश अब भारी पड़ सकती है।
बरेली से रोहिताश कुमार भास्कर
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazin)

