बरेली परिचालक ने लौटाया कीमती पर्स

बरेली में परिचालक की ईमानदारी: बस में छूटा ज्वेलरी और कैश से भरा पर्स महिला को लौटाया

आज के दौर में जहां ईमानदारी की खबरें कम ही सुनने को मिलती हैं, वहीं बरेली रोडवेज के एक परिचालक ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा से मिसाल पेश की है। बस में छूटा गहनों और नकदी से भरा पर्स सुरक्षित लौटाकर परिचालक सुधीर कुमार ने न केवल एक महिला की परेशानी दूर की, बल्कि मानवता का सिर भी ऊंचा कर दिया।


सीट पर छूट गया था कीमती सामान

जानकारी के अनुसार, नगमा नाम की एक महिला यात्री रोडवेज बस से सफर कर रही थी। अपने गंतव्य पर उतरते समय वह जल्दबाजी में अपना हैंडपर्स सीट पर ही भूल गई। इस पर्स में निम्नलिखित कीमती सामान था:

  • नकदी: 9400 रुपये नकद।

  • ज्वेलरी: सोने की दो अंगूठियां।

परिचालक ने दिखाई तत्परता

सवारी उतरने के बाद जब परिचालक सुधीर कुमार की नजर लावारिस पर्स पर पड़ी, तो उन्होंने बिना किसी लालच के उसे उठाकर अपने पास सुरक्षित रख लिया। कुछ ही देर बाद, नगमा अपने खोए हुए सामान की तलाश में बदहवास हालत में बस के पास पहुंची।

सुधीर कुमार ने ईमानदारी का परिचय देते हुए पहले महिला से पर्स और उसमें रखे सामान का विवरण पूछा। पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद, उन्होंने सारा सामान ज्यों का त्यों महिला को सौंप दिया। अपना कीमती सामान सुरक्षित वापस पाकर महिला भावुक हो गई और परिचालक का आभार व्यक्त किया।

हर तरफ हो रही सुधीर की सराहना

बस में मौजूद अन्य यात्रियों और रोडवेज विभाग के अधिकारियों ने सुधीर कुमार के इस सराहनीय कार्य की जमकर प्रशंसा की है।

  • मिसाल: यात्रियों का कहना है कि सुधीर जैसे कर्मचारी विभाग की छवि को उज्ज्वल करते हैं।

  • सम्मान: रोडवेज अधिकारियों ने भी परिचालक की ईमानदारी को सराहा और इसे अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायक बताया।

सुधीर कुमार की इस पहल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ईमानदारी किसी पद या ओहदे की मोहताज नहीं होती, बल्कि यह व्यक्ति के संस्कारों में निहित होती है।


बरेली से रोहिताश कुमार भास्कर

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

 सीनियर एडिटर (Allrights Magazin)


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