बरेली: 774 ग्राम चरस के साथ 2 गिरफ्तार

Bareilly Drug Bust: भोजीपुरा पुलिस की बड़ी स्ट्राइक; लग्जरी कार से चरस की तस्करी कर रहे दो तस्कर गिरफ्तार, उत्तराखंड से जुड़ा है नेटवर्क

रिपोर्टर: रोहिताश कुमार, बरेली

बरेली News: उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत भोजीपुरा पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान किया सोनेट (Kia Sonet) कार सवार दो शातिर तस्करों को 774 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद नशे की खेप के साथ नकदी और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

मुखबिर की सूचना पर बिल्वा पुल के पास घेराबंदी

प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार के नेतृत्व में 13 जनवरी 2026 को पुलिस टीम गश्त पर थी, तभी सूचना मिली कि बहेड़ी रोड स्थित बिल्वा पुल के पास एक सफेद रंग की किया सोनेट कार में तस्कर चरस की डिलीवरी देने के लिए खड़े हैं। पुलिस ने बिना देरी किए मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और कार सवार दोनों संदिग्धों को दबोच लिया।

तस्करों का प्रोफाइल: नवाबगंज के रहने वाले हैं आरोपी

पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  1. राजकुमार उर्फ राजू (48 वर्ष): निवासी गुलशन नगर, नवाबगंज (654 ग्राम चरस बरामद)।

  2. भरतवीर (27 वर्ष): निवासी ईंदजागीर, नवाबगंज (120 ग्राम चरस बरामद)।

पुलिस ने इनके पास से दो मोबाइल फोन, तस्करी में प्रयुक्त लग्जरी कार और 9,500 रुपये नकद बरामद किए हैं।

उत्तराखंड से लाकर ट्रक ड्राइवरों को बेचते थे नशा

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे चरस की खेप उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों से सस्ते दामों पर लाते थे और उसे बरेली व आसपास के जनपदों में ट्रक ड्राइवरों और युवाओं को ऊंचे दामों पर सप्लाई करते थे। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि इनमें से एक आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है।

“नशा मुक्त बरेली” का संकल्प

प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि क्षेत्र में नशे के अवैध धंधे को पूरी तरह खत्म किया जाएगा और इस गिरोह के अन्य कड़ियों को भी जल्द ही खंगाला जाएगा।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: