न्याय मांगो तो हिरासत? FIR मांगो तो पुलिसिया बल?
ये कैसा लोकतंत्र है?
दो दिनों से संसद मार्ग थाने के बाहर महिला पत्रकार अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न की FIR मांग रही थीं।
आज सुबह दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज करने की जगह बल प्रयोग कर महिला पत्रकारों और उनके साथ बैठे पत्रकार साथियों को ही हिरासत में ले लिया।
न्याय मांगो तो हिरासत? FIR मांगो तो पुलिसिया बल?
दिल्ली पुलिस, शर्म करो।
