शेखपुरा के सभी थाने CCTNS से जुड़ेंगे
बिहार: शेखपुरा पुलिस अब होगी हाईटेक; राष्ट्रीय CCTNS नेटवर्क से जुड़ेंगे सभी थाने, अपराधियों पर कड़ेगा शिकंजा
डिजिटल इंडिया (Digital India) की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए शेखपुरा जिला पुलिस ने तकनीकी क्षेत्र में एक बहुत बड़ी छलांग लगाई है। अब जिले के सभी थानों को राष्ट्रीय स्तर के अत्याधुनिक CCTNS सॉफ्टवेयर से पूरी तरह जोड़ दिया जाएगा। सोमवार को समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) स्थित मंथन सभागार में पुलिस अधीक्षक (SP) बलि राम कुमार चौधरी की अध्यक्षता में इसे लेकर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला (वर्कशॉप) का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिसिंग को हाईटेक बनाने के गुर सिखाए गए।
NCRB नई दिल्ली और NIC पटना के विशेषज्ञों ने दी ट्रेनिंग
पुलिस कर्मियों को इस नए डिजिटल सिस्टम में पारंगत करने के लिए आयोजित की गई इस कार्यशाला की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
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लंबा ट्रेनिंग सेशन: यह महत्वपूर्ण कार्यशाला सुबह 10:00 बजे से शुरू होकर दोपहर 3:30 बजे तक लगातार चली।
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अधिकारियों की उपस्थिति: इसमें जिले के सभी थानों के थानाध्यक्ष (SHOs) और कंप्यूटर व कागजी कामकाज संभालने वाले थाना कर्मी मुख्य रूप से शामिल हुए।
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लाइव वीसी ट्रेनिंग: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) नई दिल्ली और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) पटना के तकनीकी विशेषज्ञों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए लाइव जुड़कर पुलिस कर्मियों को सॉफ्टवेयर के संचालन की विस्तृत ट्रेनिंग दी।
CCTNS लागू होने से क्या बदलेगा?
CCTNS यानी क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) के लागू होने से शेखपुरा जिले की पुलिसिंग पूरी तरह से आधुनिक और पारदर्शी हो जाएगी:
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राष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ाव: शेखपुरा जिले के सभी थाने देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के थाने से सीधे और लाइव जुड़ जाएंगे।
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एक क्लिक पर काम: अब विभिन्न थानों के बीच केस ट्रांसफर करना, किसी संदिग्ध अपराधी का वेरिफिकेशन (सत्यापन) करना या जांच रिपोर्ट साझा करना बेहद आसान हो जाएगा।
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पूरी तरह पेपरलेस थाने: अब एफआईआर (FIR), केस डायरी और चार्जशीट जैसे महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज सीधे सुरक्षित राष्ट्रीय सर्वर पर ऑनलाइन दर्ज और सुरक्षित रहेंगे। इससे कागजी फाइलों का झंझट खत्म होगा।
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अपराधियों पर कड़ा शिकंजा: अंतरराज्यीय (Inter-State) अपराधियों और दूसरे जिलों के बदमाशों का पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड महज कुछ सेकेंड्स में स्क्रीन पर आ जाएगा, जिससे पुलिस को जांच में बड़ी मदद मिलेगी।
तकनीक से तालमेल और पारदर्शिता जरूरी: SP
कार्यशाला को संबोधित करते हुए एसपी बलि राम चौधरी ने सभी थानों को इस नई व्यवस्था को कड़ाई से अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा:
“बदलते समय में तकनीक के साथ तालमेल बिठाना बेहद जरूरी है। CCTNS नेटवर्क से जुड़ने के बाद पुलिस की कार्यशैली में अभूतपूर्व तेजी आएगी, जिससे पीड़ित जनता को समय पर न्याय मिल सकेगा। फाइलों और केस डायरी के ऑनलाइन होने से काम में पारदर्शिता (Transparency) आएगी। सभी थानाध्यक्ष और कंप्यूटर ऑपरेटर इसे पूरी गंभीरता के साथ थानों में लागू करना सुनिश्चित करें।”
आम जनता को क्या होगा सीधा फायदा?
इस हाईटेक सिस्टम के पूरी तरह एक्टिव होने के बाद आम नागरिकों को थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे:
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ऑनलाइन एफआईआर स्टेटस: शिकायतकर्ता अपनी दर्ज कराई गई FIR की वर्तमान स्थिति (Status) घर बैठे ऑनलाइन चेक कर सकेंगे।
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त्वरित वेरिफिकेशन: नौकरी, पासपोर्ट या चरित्र प्रमाण पत्र के लिए दूसरे जिले या राज्य में दर्ज मामलों का वेरिफिकेशन तुरंत हो जाएगा।
सुरक्षित रिकॉर्ड: जांच में होने वाली अनावश्यक देरी और थानों से फाइल या दस्तावेज गुम होने का डर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।
(पटना – पीयूष कुमार प्रियदर्शी)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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