अंतरिक्ष में छिड़ी रूस-यूक्रेन की नई जंग: अमेरिकी-फिनिश सैटेलाइट के बेहद करीब पहुंचा रूसी मिलिट्री सैटेलाइट ‘कॉसमॉस 2612’, पश्चिमी स्पेस-सिस्टम पर गहराया संकट

रूस-यूक्रेन युद्ध अब अंतरिक्ष के महासंग्राम में तब्दील: अमेरिकी-फिनिश सैटेलाइट के पीछे पड़ा रूसी सैन्य उपग्रह ‘कॉसमॉस 2612′”

मास्को / कीव / नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच पिछले कई वर्षों से जारी भीषण जंग अब जमीन, हवा और समंदर की सीमाओं को लांघकर अंतरिक्ष के अनपेक्षित मोर्चे पर पहुँच गई है। एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाले अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम में रूस का एक गुप्त सैन्य उपग्रह ‘कॉसमॉस 2612’ (Cosmos 2612) यूक्रेन की सैन्य मदद कर रहे अमेरिकी-फिनिश कंपनी के कमर्शियल रडार-इमेजिंग उपग्रह ‘ICEYE-X36’ के खतरनाक रूप से करीब आ गया है। इस घटनाक्रम के बाद से वैश्विक स्पेस-सुरक्षा विशेषज्ञ और पश्चिमी देश हाई अलर्ट पर हैं।

1. कक्षा (Orbit) में असामान्य फेरबदल और अंतरिक्ष में पीछा

  • रूस की आक्रामक स्पेस मैन्युवरिंग: अंतरिक्ष निगरानी एजेंसी ‘S2A सिस्टम्स’ (S2A Systems) द्वारा ट्रैक की गई गतिविधियों के अनुसार, रूस ने अपने सैन्य उपग्रह ‘कॉसमॉस 2612’ की स्थापित कक्षा (Orbit) में अचानक और असामान्य बदलाव किए। रूस ने अपने उपग्रह का रुख इस तरह मोड़ा कि वह सीधे तौर पर ‘ICEYE-X36’ की कक्षा के समान हो गया।

  • निगरानी और हस्तक्षेप की आशंका: विशेषज्ञों का मानना है कि रूस या तो यूक्रेन को खुफिया जानकारी भेजने वाले पश्चिमी कमर्शियल सैटेलाइट्स पर सीधी नजर रख रहा है, या फिर उनकी कार्यप्रणाली में इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप (Jamming/Disruption) करने का ताना-बाना बुन रहा है।

2. यूक्रेन के लिए क्यों अहम है ‘ICEYE’ सैटेलाइट?

  • रडार-इमेजिंग तकनीक की ताकत: फिनलैंड और अमेरिका की संयुक्त कंपनी ICEYE द्वारा संचालित यह उपग्रह अत्याधुनिक सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR) तकनीक से लैस है। यह बादलों, अंधेरे और खराब मौसम के बावजूद रात-दिन जमीन पर रूसी सेना की हर गतिविधि और सैन्य ठिकानों की हाई-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें यूक्रेन को उपलब्ध कराता है।

  • कमर्शियल सैटेलाइट्स बने नया निशाना: इस घटना ने युद्ध के दौरान खुफिया जानकारी प्रदान करने वाले निजी व कमर्शियल सैटेलाइट्स की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्तमान युद्धों में स्पेस-बेस्ड सिस्टम्स की भूमिका अब सबसे महत्वपूर्ण निर्णायक कारक बन चुकी है।

3. भीषण हवाई और ड्रोन हमलों के बीच बढ़ा स्पेस तनाव

अंतरिक्ष में यह तनातनी ऐसे समय में सामने आई है जब धरातल पर दोनों देशों के बीच हवाई हमलों में भारी तेजी देखी जा रही है:

  • यूक्रेन का अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला: रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को यूक्रेन ने रूस के विभिन्न इलाकों पर 1,000 से अधिक ड्रोन दागे, जिसे इस युद्ध के दौरान का सबसे भीषण ड्रोन हमला माना जा रहा है। इस हमले में रूसी क्षेत्र में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई और पांच अन्य घायल हो गए।

  • कीव पर रूस का पलटवार: जवाब में रूस ने भी यूक्रेन की राजधानी कीव पर रात भर भीषण हवाई हमले किए। कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को के अनुसार, इन हमलों में एक महिला की जान चली गई और तीन अन्य नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए।

4. ‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण: अंतरिक्ष का सैन्यीकरण वैश्विक खतरा

जमीन पर जारी संघर्ष का अंतरिक्ष तक विस्तार होना पूरे वैश्विक समुदाय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा समझौतों के लिए बेहद चिंताजनक संकेत है। यदि व्यापारिक और संचार उपग्रहों को युद्ध का सीधा निशाना बनाया गया, तो इसके दुष्परिणाम वैश्विक नेविगेशन, संचार और नागरिक सुरक्षा प्रणालियों पर भारी पड़ सकते हैं।

‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ वैश्विक भू-राजनीति, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक मोर्चों से जुड़ी हर संवेदनशील खबर को कड़े, विश्लेषणात्मक और निष्पक्ष दृष्टिकोण से पाठकों तक पहुँचाती रहेगी।

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