हरियाणा में खेल क्रांति: 1,319 पदक विजेताओं को मिले ₹147 करोड़, 2,000 नर्सरियों और ₹321 करोड़ के ढांचागत विकास से देश का स्पोर्ट्स हब बना प्रदेश
धाकड़ खिलाड़ियों की भूमि हरियाणा: खेल नीति, ढांचागत विकास और सम्मान से खेल जगत में बना देश का नंबर-1 राज्य”
विशेष रिपोर्ट: खेल, युवा कल्याण एवं सुशासन (ऑल RIGHTs मैगजीन)
चंडीगढ़ / नई दिल्ली: भारत में जब भी खेलों की बात होती है, तो ‘धाकड़’ एथलीटों की भूमि हरियाणा का नाम सबसे शीर्ष पर आता है। वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहराने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की दिशा में हरियाणा सरकार द्वारा उठाए गए नीतिगत कदम अब मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों के दौरान खेल सुविधाओं के विस्तार, वित्तीय प्रोत्साहन और रोजगार सुरक्षा के माध्यम से प्रदेश के खिलाड़ियों को नई ऊर्जा और मजबूती प्रदान की गई है।
1. पदक विजेताओं के लिए ऐतिहासिक नकद पुरस्कार और प्रोत्साहन
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करोड़ों का नकद पुरस्कार वितरण: बीते 2 वर्षों के दौरान राज्य सरकार ने बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 1,319 पदक विजेता खिलाड़ियों को ₹147.16 करोड़ का नकद पुरस्कार सीधा उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किया है।
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राष्ट्रीय व वैश्विक मंचों पर सम्मान: ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स, राष्ट्रमंडल खेलों और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं को देश में सबसे अधिक नकद पुरस्कार राशि देने का रिकॉर्ड हरियाणा के नाम दर्ज है। इसके साथ ही भीम अवार्डियों और अर्जुन/द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं के लिए मासिक मानदेय की व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है।
2. 2,000 खेल नर्सरियां और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा
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नर्सरियों से प्रतिभा की पहचान: प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्तर से ही खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए 2,000 खेल नर्सरियां स्थापित की गई हैं। इन नर्सरियों के जरिए एथलीटों को दैनिक खुराक (डाइट मनी) और छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है।
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₹321 करोड़ से खेल सुविधाओं का कायाकल्प: राज्य भर में खेल स्टेडियमों, आधुनिक एथलेटिक ट्रैक्स, स्विमिंग पूलों और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के जीर्णोद्धार व उन्नयन (Upgradation) पर ₹321 करोड़ का भारी निवेश किया गया है।
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‘A-STAR’ सेंटर की स्थापना: चोटिल एथलीटों के त्वरित इलाज और रिहैबिलिटेशन के लिए उत्तर भारत का सबसे आधुनिक स्पोर्ट्स इंजरी एंड रीहैबिलिटेशन सेंटर (A-STAR) भी स्थापित किया गया है।
3. ‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण: ‘पदक लाओ, पद पाओ’ नीति की सफलता
केवल वित्तीय मदद ही नहीं, बल्कि ‘पदक लाओ, पद पाओ’ (Bring Medal, Get Job) नीति के तहत खिलाड़ियों को क्लास-1 से लेकर विभिन्न प्रशासनिक और पुलिस पदों पर सीधी सरकारी नौकरी दी जा रही है। इससे खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित हुआ है और युवा पीढ़ी को खेलों को करियर के रूप में अपनाने की प्रेरणा मिल रही है।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ हरियाणा सरकार की इस खेल क्रांति, खिलाड़ियों के सम्मान और सुशासन से जुड़ी हर नीतिगत पहल पर अपनी पैनी नज़र बनाए रखेगी।
