UP में नई इंडस्ट्रियल स्टोरी: सीएम योगी
‘उत्तर प्रदेश में लिखी गई नई इंडस्ट्रियल स्टोरी’: 9 वर्षों में विरासत, तकनीक और निवेश का ऐतिहासिक संगम—सीएम योगी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक हब और ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के औद्योगिक परिवर्तन पर बड़ा वक्तव्य दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 9 वर्षों के कार्यकाल में राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक तकनीक, नए निवेश, नवाचार (इनोवेशन) और वैश्विक बाजार (ग्लोबल मार्केट) के साथ जोड़कर विकास की एक नई औद्योगिक कहानी लिखी है।
विरासत और आधुनिकता का अभूतपूर्व तालमेल उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में आए इस व्यापक बदलाव को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
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ग्लोबल मार्केट से जुड़ाव: राज्य के पारंपरिक उद्योगों, हस्तशिल्प और लोकल उत्पादों को ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) जैसी योजनाओं के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाई गई है।
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टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का समावेश: एमएसएमई (MSME) और भारी उद्योगों में आधुनिक तकनीक तथा नए इनोवेशन को बढ़ावा दिया गया है, जिससे प्रदेश के उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी है।
निवेश और नए भारत का ग्रोथ इंजन बीते 9 वर्षों के दौरान उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के सुधार और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के चलते अभूतपूर्व निवेश आया है:
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इन्वेस्टर्स समिट और एक्सप्रेसवे नेटवर्क: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्रदेश में लाखों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारा गया है। विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स पार्कों के निर्माण ने यूपी को देश का ‘एक्सप्रेसवे प्रदेश’ बना दिया है।
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रोजगार और नए अवसर: औद्योगिक क्रांति के इस नए युग ने प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए द्वार खोले हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, परंपरा और आधुनिकता का यह संतुलन उत्तर प्रदेश को न केवल देश के विकास का ‘ग्रोथ इंजन’ बना रहा है, बल्कि वैश्विक मंच पर राज्य की एक नई और मजबूत पहचान भी स्थापित कर रहा है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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