जयपुर में सैलून इंडस्ट्री का महाकुंभ: 5,000 सैलून मालिकों की एकजुटता, भारतीय ब्यूटी ब्रांड्स को मिलेगी वैश्विक पहचान
“जयपुर में सैलून इंडस्ट्री का महाकुंभ: 5,000 से ज्यादा सैलून मालिकों ने दिखाई एकजुटता की ताकत”
जयपुर/मुंबई: भारतीय हेयर एंड ब्यूटी इंडस्ट्री के इतिहास में जयपुर एक बड़े और दूरगामी आयोजन का गवाह बना। केटी (KT) ने ‘हेयर & ब्यूटी फेडरेशन’ के सहयोग से जयपुर एक्सहिबीशन एंड कन्वेंशन सेंटर में इंडियन हेयर एंड ब्यूटी कांफ्रेंस का भव्य आयोजन किया। इस सम्मेलन में देश भर के 18 राज्यों और 50 से अधिक शहरों से आए 5,000 से ज्यादा सैलून मालिकों ने भाग लेकर भारतीय सैलून जगत की सामूहिक ताकत और एकजुटता का प्रदर्शन किया।
केटी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ ध्रुव सयानी के नेतृत्व में आयोजित इस महाकुंभ को स्वदेशी ब्रांड्स को वैश्विक मंच देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।
1. राज्यपाल और उपमुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति
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उद्घाटन एवं मुख्य अतिथि: सम्मेलन का भव्य उद्घाटन राजस्थान के माननीय राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने किया, जबकि प्रदेश की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी शाम के सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
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स्वदेशी और मेक इन इंडिया पर जोर: वक्ताओं ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय ब्यूटी ब्रांड्स में अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की पूरी क्षमता है। इसके लिए सैलून मालिकों को स्वदेशी और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को प्राथमिकता देनी होगी।
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रोजगार और महिला सशक्तीकरण: उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने ब्यूटी और सैलून क्षेत्र के माध्यम से रोजगार के नए अवसरों, कौशल विकास और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर विशेष जोर दिया।
2. भारतीय ब्रांड्स को मिलेगी नई पहचान: ध्रुव सयानी
केटी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ ध्रुव सयानी ने इस आयोजन को भारतीय सैलून इंडस्ट्री के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा:
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सामूहिक ताकत का प्रदर्शन: “इतनी बड़ी संख्या में सैलून समुदाय का एक मंच पर आना भारतीय ब्यूटी इंडस्ट्री की सामूहिक ताकत को दर्शाता है। यह एकजुटता केवल एक आयोजन तक सीमित न रहकर निरंतर व्यावसायिक सहयोग और भारतीय ब्रांड्स के प्रति बढ़ते विश्वास में बदलनी चाहिए।”
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गुणवत्ता और ट्रेनिंग: उन्होंने सैलून व्यवसाय की प्रगति के लिए गुणवत्तापूर्ण उत्पादों, प्रोफेशनल ट्रेनिंग, शिक्षा और सतत विकास को एक साथ आगे ले जाने की परिकल्पना पेश की।
3. सरकारी योजनाएं और कौशल विकास
सम्मेलन में इस बात पर भी सर्वसम्मति बनी कि सैलून उद्योग से जुड़े छोटे और बड़े उद्यमियों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों से सीधे जोड़ा जाना चाहिए, ताकि सेवाएं वैश्विक मानकों के अनुरूप सुधर सकें और नए रोजगार पैदा हो सकें।
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