SIR के खिलाफ विपक्ष की याचिका में 14 खामियां:सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने बताया-
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत 11 विपक्षी नेताओं की ओर से दायर SIR याचिका में करीब 14 खामियां बताई हैं। यह याचिका SIR में बड़े पैमाने पर नाम हटाने और गड़बड़ियों के आरोपों से जुड़ी है। इन खामियों के कारण मंगलवार को याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, रजिस्ट्री ने याचिका के साथ जमा किए गए दस्तावेजों में भी खामियां बताईं। कुछ पन्ने पढ़ने लायक नहीं हैं, जबकि कुछ पन्ने गायब हैं। इसके अलावा, कोर्ट फीस भी 220 रुपए कम जमा की गई है। रजिस्ट्री ने कुल 14 खामियां दर्ज की हैं।
रजिस्ट्री ने कहा है कि याचिका दाखिल करने वाले वकील से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की साफ कॉपी मांगी है। इसके अलावा, 9 याचिकाकर्ताओं से याचिका दायर करने के लिए लिखित सहमति भी मांगी है।
12 अक्टूबर को दायर याचिका में भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को पक्षकार बनाया गया है।
मार्च के खिलाफ 4 FIR दर्ज
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने के मामले में दिल्ली पुलिस ने 4 एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ये केस कनॉट प्लेस, बाराखंभा रोड, तिलक मार्ग और मंदिर मार्ग थाने में दर्ज किए गए हैं।
विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया
राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी नेता सोमवार को याचिका दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करके पहुंचे थे। याचिका में रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति बनाने की मांग की गई है। इसमें तकनीकी विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित नागरिकों को भी शामिल करने की मांग है।
याचिका में कहा गया है कि यह समिति तय समय के भीतर SIR के दौरान वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों और किए गए बदलावों का स्वतंत्र ऑडिट करे।
आज राहुल के घर विपक्षी सांसदों की चाय पे चर्चा
राहुल ने आगे की रणनीति तय करने के लिए मंगलवार शाम को सभी विपक्षी सांसदों, सिविल सोसाइटी के सदस्यों और छात्र संगठनों को ‘हाई टी’ के लिए सुनहरी बाग रोड स्थित अपने घर पर चाय पर बुलाया है।
इस दौरान वोट चोरी के खिलाफ संयुक्त विरोध-प्रदर्शन की रणनीति और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर चर्चा होने की उम्मीद है। इससे पहले दोपहर में विपक्षी सांसद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
10 अक्टूबर: राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर लौटे विपक्षी सांसद, सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान किया
सांसदों ने संसद से राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च किया। राहुल, ममता, खड़गे समेत 10 सांसदों का डेलीगेशन राष्ट्रपति से मिला। बाकी सांसदों ने विजय चौक पर धरना दिया। मीटिंग से बाहर आकर राहुल ने कहा कि पूरा देश जानता है कि देश में वोट चोरी हो रही है। राष्ट्रपति ने भी इससे इनकार नहीं किया। अब हम सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
11 अक्टूबर: CJI को लेटर लिखकर मुलाकात का समय मांगा, चीफ जस्टिस ने इनकार किया
INDIA ब्लॉक के नेताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJI को लेटर लिखकर मुलाकात का समय मांगा था। राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 12 अक्टूबर की शाम अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने की इच्छा जताई थी।
हालांकि CJI सूर्यकांत ने विपक्षी सांसदों की मांग नहीं मानी और लेटर का जवाब लिखकर मिलने से इनकार कर दिया। साथ ही इस मसले पर कोर्ट में याचिका दाखिल करने के लिए कहा।
12 अक्टूबर: CJI बोले- दिल्ली में प्रदर्शन मेरा मुद्दा नहीं, विचाराधीन मामलों पर मुझसे चर्चा न्यायिक मर्यादा के खिलाफ
राहुल ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने से पहले 30 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसी में एक पत्रकार ने उनसे सवाल किया कि लोग चुनाव आयोग की बात करते हैं, आप सीधा ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हैं। क्या कभी उन्होंने आप से बात करने की कोशिश की।
इसके जवाब में राहुल गांधी ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उनसे बात करने की कई बार कोशिश की है।
