दिल्ली पुलिस के पुलिसिया दमन का वाकया LoP श्री राहुल गांधी जी को बताती महिला पत्रकार!
हाल ही में (अक्टूबर 2026 में) जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा कथित बदसलूकी और पुलिसिया कार्रवाई का मामला सामने आया है।
महिला पत्रकारों के आरोप: शाहीन (Shaheen) और नफीसा (Nafisa) समेत महिला पत्रकारों ने साकेत थाना और जंतर-मंतर पर कवरेज के दौरान दिल्ली पुलिस के कर्मियों द्वारा हाथापाई, कैमरे छीनने और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है।
विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी का रुख: राहुल गांधी ने इन महिला पत्रकारों से मुलाकात के बाद एक वीडियो साझा करते हुए केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय (जिसके तहत दिल्ली पुलिस आती है) पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि “जो महिलाएं सवाल पूछती हैं, उन्हें दबाने का पैटर्न अपनाया जा रहा है”।
मुख्य मांगें: राहुल गांधी ने साकेत थाने के पूरे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को सार्वजनिक करने, दोषियों पर त्वरित कार्रवाई करने तथा प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर पीड़िता पत्रकारों को न्याय देने की मांग की है।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई: दिल्ली पुलिस ने आरोपों के संबंध में शिकायतें प्राप्त होने की बात स्वीकार की है और मामले की जांच क्राइम ब्रांच (Crime Branch) को सौंप दी है।
