करोड़ गांजा संग 4 तस्कर गिरफ्तार
आगरा: 1.22 करोड़ के इंटरनेशनल हाइड्रोपोनिक गांजा और MDMA के साथ महिला सहित 4 तस्कर गिरफ्तार; यूपी एसटीएफ ने रंगे हाथों दबोचा, थाईलैंड से जुड़ा है ड्रग्स नेटवर्क
दिनांक: 28-05-2026
(आगरा/लखनऊ): उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थों के इंटरनेशनल सिंडिकेट और ड्रग्स तस्करों के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक और बेहद सनसनीखेज और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसटीएफ की आगरा फील्ड इकाई ने स्थानीय पुलिस और एएनटीएफ (ANTF) के साथ मिलकर आगरा कमिश्नरेट क्षेत्र से एक महिला सहित 4 सक्रिय ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में कैलिफ़ोर्नियाई ‘ओजी गांजा’ (हाइड्रोपोनिक बीज) और बेहद नशीली एमडीएमए (MDMA) बरामद हुई है, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.22 करोड़ रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
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जितेन्द्र प्रजापति उर्फ जीतू पुत्र रूप किशोर (निवासी: मथुरा गेट पुलिस चौकी के सामने, वृन्दावन, मथुरा)
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प्रेमकुमार प्रजापति पुत्र रूपकिशोर (निवासी: मथुरा गेट पुलिस चौकी के सामने, वृन्दावन, मथुरा)
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बबलू शर्मा पुत्र सुधीर शर्मा (निवासी: कमल का किराये का मकान, मथुरा चौकी के सामने, वृन्दावन, मथुरा)
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श्रीमती नन्हीं देवी पत्नी रूपकिशोर (निवासी: मथुरा गेट पुलिस चौकी के सामने, वृन्दावन, मथुरा)
करोड़ों की बरामदगी का विवरण
एसटीएफ टीम द्वारा तस्करों के ठिकाने से निम्नलिखित प्रतिबंधित सामग्री बरामद की गई है:
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ओजी गांजा (ओसियन ग्रीन/हाइड्रोपोनिक बीज – DRONABINOL): 1.0645 किलोग्राम (अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य लगभग 1 करोड़ 06 लाख रुपये)
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एमडीएमए (MDMA): 147 ग्राम (अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य लगभग 16 लाख रुपये)
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स्मार्टफोन: 05 अदद एंड्रॉयड मोबाइल फोन
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नगदी: 1,500 रुपये नगद
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उपकरण: 01 अदद इलेक्ट्रॉनिक तराजू (नशीले पदार्थ तौलने के लिए)
गिरफ्तारी का स्थान, दिनांक व समय
इन तस्करों की गिरफ्तारी नवीन गौतम के मकान, शिवपुरी कॉलोनी, असोपा हॉस्पिटल के पास, थाना क्षेत्र सिकन्दरा, पुलिस कमिश्नरेट आगरा से हुई। एसटीएफ ने दिनांक 27-05-2026 को रात्रि समय 22:51 बजे इन्हें घेराबंदी कर दबोचा।
किराए के मकान में बन रही थी पुड़िया, एसटीएफ ने मारा छापा
आगरा कमिश्नरेट और आस-पास के जिलों में हाई-प्रोफाइल मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक शातिर गैंग के सक्रिय होने की खुफिया जानकारी मिल रही थी। इस संबंध में श्री राकेश (अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ फील्ड इकाई, आगरा) के पर्यवेक्षण में लगातार सर्विलांस और अभिसूचना संकलन की जा रही थी।
दिनांक 27-05-2026 को एसटीएफ के उपनिरीक्षक श्री योगेन्द्र सिंह, मुख्य आरक्षी विवेक कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी प्रदीप कुमार, आरक्षी हरपाल, आरक्षी प्रदीप चौधरी, आरक्षी मानवेन्द्र और चालक महेश सिंह की टीम क्षेत्र में गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि दिल्ली से ‘ओजी गांजा’ और एमडीएमए की बड़ी खेप लेकर जितेन्द्र प्रजापति उर्फ जीतू और उसका साथी बबलू शर्मा आगरा आए हैं और सिकन्दरा क्षेत्र के शिवपुरी कॉलोनी स्थित एक मकान में माल खपाने की तैयारी कर रहे हैं।
एसटीएफ आगरा की टीम ने बिना वक्त गंवाए एएनटीएफ (ANTF) यूनिट आगरा जोन और थाना सिकन्दरा पुलिस को साथ लिया और बताए गए मकान पर अचानक छापेमारी कर दी। मौके पर चारों अभियुक्त भारी मात्रा में ड्रग्स के साथ रंगे हाथों पकड़े गए।
पूछताछ में खुलासा: मां से शुरू हुआ धंधा, थाईलैंड में बैठा है मुख्य सप्लायर
गिरफ्तार मुख्य आरोपी जितेन्द्र उर्फ जीतू प्रजापति ने पूछताछ में ड्रग्स सिंडिकेट के नेटवर्क का हैरान कर देने वाला खुलासा किया:
“जीतू ने बताया कि उसकी मां श्रीमती नन्हीं देवी पिछले 3-4 वर्षों से मथुरा के वृन्दावन क्षेत्र में गांजा और नशीले पदार्थ बेचने का काम कर रही थी, जो पानीपत और दिल्ली से माल लाती थी। जब उसकी बहन की शादी आगरा के दहतोरा निवासी सौरभ से हुई, तो जीजा सौरभ भी इस काले कारोबार में शामिल हो गया और जीतू भी उसके साथ दिल्ली-हरियाणा से माल लाने लगा। कुछ समय पहले जीजा सौरभ की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई, जिसके बाद जीतू और उसका भाई प्रेम कुमार खुद इस धंधे को संभालने लगे। अधिक मुनाफा कमाने और नेटवर्क बढ़ाने के लिए उन्होंने अपने पड़ोसी बबलू शर्मा को भी गैंग में शामिल कर लिया।”
साढ़े सात हजार में बिकती है 3.5 ग्राम की एक पुड़िया:
“जीतू ने आगे कुबूल किया कि आगरा और आस-पास के रईस ग्राहकों को टारगेट करने के उद्देश्य से उन्होंने 4 दिन पहले ही सिकन्दरा में नवीन गौतम का यह मकान किराए पर लिया था। वे यह माल दिल्ली में मौजूद ‘कुशाग्र’ नाम के सप्लायर से लेकर आए थे और बेचने के लिए उसकी छोटी-छोटी पुड़िया (डोज) बना रहे थे। उसने बताया कि बरामद हुआ गांजा साधारण नहीं, बल्कि ‘ओजी गांजा’ है जो कैलिफ़ोर्निया (अमेरिका) से आता है। इसकी सील्ड पैकिंग में 3.5 ग्राम वजन होता है, जिसे वे ग्राहकों को साढ़े सात हजार रुपये (₹7,500) में बेचते हैं। मुख्य सप्लायर कुशाग्र वर्तमान में थाईलैंड में रह रहा है। वह भारत में किसी एकांत स्थान पर ड्रग्स की डिलीवरी रखवा देता है और ये लोग वहां से माल उठाकर पैसे वहीं छोड़ आते हैं।”
एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, विधिक कार्रवाई जारी
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के खिलाफ थाना सिकन्दरा, कमिश्नरेट आगरा पर मु0अ0सं0 257/2026, धारा 8/20/22/29 एन०डी०पी०एस० (NDPS) एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। थाना स्तर की पुलिस द्वारा आरोपियों को कोर्ट में पेश करने और थाईलैंड व दिल्ली से जुड़े इस इंटरनेशनल सप्लायर नेटवर्क (कुशाग्र और अन्य) के सफाए के लिए आगे की विधिक व वैधानिक कार्रवाई की जा रही है
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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