जमुई बदसलूकी मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार, कार्रवाई तेज
जमुई में छात्र-छात्रा से बर्बरता का वीडियो वायरल: 3 आरोपी गिरफ्तार; पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की मांग
पटना/जमुई: बिहार के जमुई जिले से सामने आए एक अत्यंत विचलित करने वाले वीडियो ने देश भर में सुरक्षा, सामाजिक सोच और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। कोचिंग से घर लौट रहे 10वीं कक्षा के एक छात्र और छात्रा को सरेराह जबरन रोककर उनके साथ बदसलूकी, मारपीट और छात्रा का यौन उत्पीड़न किया गया। पीड़िता के लगातार हाथ जोड़ने और गिड़गिड़ाने के बावजूद असामाजिक तत्व उसके साथ खींचाताणी करते रहे।
यह घटना केवल एक आपराधिक कृत्य ही नहीं, बल्कि उस पितृसत्तात्मक (Patriarchal) और विकृत मानसिकता का वीभत्स रूप है, जो किसी भी महिला के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी गरिमा पर पुरुषों का अधिकार मानती है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 3 मुख्य आरोपी गिरफ्तार
सोशल मीडिया पर वीडियो के व्यापक प्रसार और जन-आक्रोश के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले पर त्वरित और कड़ा संज्ञान लिया है:
-
3 आरोपियों की गिरफ्तारी: जमुई पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर छापेमारी कर 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
-
पॉक्सो एक्ट और गंभीर धाराओं में मामला: पीड़िता के नाबालिग (10वीं कक्षा की छात्रा) होने के कारण मामले में पॉक्सो (POCSO) एक्ट, छेड़छाड़ और आपराधिक धमकी सहित अन्य सख्त कानूनी धाराएं जोड़ी गई हैं।
-
बाकी संदिग्धों की पहचान: पुलिस द्वारा वीडियो में दिख रहे अन्य सभी चेहरों की पहचान की जा रही है, ताकि घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए।
moral policing और ‘अंधभक्ति’ के खिलाफ सख्त मिसाल की जरूरत
सरेराह बच्चों को रोककर उनके साथ इस तरह का अमर्यादित व्यवहार करना देश के संविधान और कानून को सीधी चुनौती है:
-
‘मॉरल पुलिसिंग’ पर कानून का प्रहार: समाज में ‘संस्कृति’ की आड़ लेकर बेटियों पर नियंत्रण कायम करने और भीड़ को ही कानून मान लेने वाली खतरनाक प्रवृत्ति को खत्म करने के लिए दोषियों को कठोरतम और त्वरित सजा (Fast-track Trial) दिलानी होगी।
-
स्थानीय सुरक्षा का सुदृढ़ीकरण: जमुई और आसपास के क्षेत्रों में स्कूल-कोचिंग के रास्तों पर पुलिस गश्त (Patrolling) और एंटी-रोमियो स्क्वाड जैसी व्यवस्थाओं को कड़ाई से लागू करने की मांग उठी है।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ बेटियों की सुरक्षा, उनकी स्वतंत्रता और कानून के शासन का पूर्ण समर्थन करती है तथा प्रशासन से मांग करती है कि दोषियों के खिलाफ ऐसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए जो भविष्य के लिए मिसाल बने।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)
मिजोरम यूथ कांग्रेस की बैठक: 25 हजार खाली पदों पर संग्राम!
नशे के मुद्दे पर पंजाब में घमासान: ‘आप’ सरकार के खिलाफ फूटा जन-आक्रोश
