‘ABVP को मातृ संस्था स्वीकारने में डर क्यों?’: NSUI

‘NSUI को अपनी विचारधारा पर गर्व, ABVP को मातृ संस्था मानने में डर क्यों?’: विनोद जाखड़ का बीजेपी-आरएसएस पर सीधा हमला

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनावों और छात्र राजनीति के बीच विचारधारा की जंग और तेज़ हो गई है। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने प्रतिस्पर्धी छात्र संगठन ABVP पर तीखा हमला बोलते हुए उनके रुख को ‘दोहरा चरित्र’ करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि NSUI को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का छात्र संगठन होने पर गर्व है, जबकि ABVP अपनी मातृ संस्था के साथ अपने संबंधों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने से कतराती है।

‘साफ़ नीयत और स्पष्ट पहचान से मैदान में है NSUI’ NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने बयान जारी करते हुए कहा कि संगठन की नीति और नीयत पूरी तरह पारदर्शी है। उन्होंने कहा कि NSUI ने हमेशा छात्रों के अधिकारों, सस्ती शिक्षा, बेहतर बुनियादी ढांचे और परिसरों में लोकतांत्रिक माहौल के लिए खुलकर लड़ाई लड़ी है। उन्होंने सवाल उठाया, “हम अपनी राजनीतिक और वैचारिक पहचान को लेकर स्पष्ट हैं। लेकिन ABVP से पूछा जाना चाहिए कि अपनी ही मातृ संस्था और विचारधारा को खुले मंच से स्वीकार करने में उन्हें इतनी हिचकिचाहट, शर्म और डर क्यों लगता है?”

‘DU का छात्र समझता है यह दोगलापन’: DUSU चुनावों से पहले गर्माया माहौल विनोद जाखड़ ने आरोप लगाया कि ABVP चुनावों के समय छात्रों को गुमराह करने के लिए खुद को गैर-राजनीतिक दिखाने का ढोंग करती है, जबकि पर्दे के पीछे से सत्ताधारी दल और संघ के एजेंडे को लागू करने का काम करती है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) का समझदार छात्र इस राजनीतिक दोगलेपन को भली-भांति समझता है। NSUI नेतृत्व का कहना है कि आगामी चुनावों में छात्र संघ स्तर पर फर्जीवाड़े और दोहरे मापदंडों को नकार कर छात्र स्पष्ट विचार और न्याय की राजनीति को चुनेंगे।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine

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