मणिपुर: कांग्रेस नेता के घर के पास बम धमाका
मणिपुर में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल: कांग्रेस विधायक दल के नेता के घर के पास बम धमाका, ‘ऑल इज़ वेल’ के दावों की खुली पोल
इम्फाल/नई दिल्ली: पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में जारी हिंसा और अस्थिरता के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक व राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। मणिपुर कांग्रेस विधायक दल (CLP) के नेता और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि के. मेघचंद्र (K. Meghachandra) के आवास के निकट हुए जोरदार बम धमाके ने राज्य और केंद्र सरकार के शांति व्यवस्था बहाल करने के तमाम दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
बिष्णुनाहा में रात 8:15 बजे फेंका गया विस्फोटक प्राप्त विवरण के अनुसार, घटना थौबल जिले के याइरीपोक स्थित बिष्णुनाहा (Bishnunaha, Yairipok) क्षेत्र की है। बीती रात करीब 8:15 बजे एक अज्ञात हमलावर द्वारा कांग्रेस नेता के. मेघचंद्र के आवास के बिल्कुल समीप एक उच्च क्षमता वाला विस्फोटक (Bomb) फेंका गया।
-
जोरदार धमाका: धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
-
हमलावर की तलाश जारी: घटना को अंजाम देकर हमलावर मौके से फरार हो गया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है, हालांकि अभी तक हमलावर की पहचान और हमले के पीछे की मंशा साफ नहीं हो सकी है।
‘जब चुने हुए जनप्रतिनिधि सुरक्षित नहीं, तो आम नागरिक का क्या?’: सरकार पर सीधा हमला इस कायराना हमले के बाद केंद्र और राज्य सरकार की प्रशासनिक प्रणाली व खुफिया तंत्र पर कड़े प्रहार किए जा रहे हैं। विपक्षी नेताओं और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि केंद्र सरकार की पीआर (PR) मशीनरी देश के सामने मणिपुर में सब कुछ सामान्य (All is well) होने का झूठा नैरेटिव गढ़ रही है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। विपक्ष ने तीखा सवाल उठाया है कि जब राज्य के शीर्ष राजनीतिक नेताओं और विधायकों के घर ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की क्या गारंटी रह जाती है?
त्वरित कार्रवाई, शांति और न्याय की मांग मणिपुर की आवाम लंबे समय से जारी उथल-पुथल से राहत, शांति और सुरक्षा की आस लगाए बैठी है। इस घटना के बाद शासन-प्रशासन से मांग की गई है कि केवल बयानबाजी और पीआर हथकंडों के पीछे छिपने के बजाय जमीनी स्तर पर सख्त कदम उठाए जाएं। हमले में शामिल अपराधियों की तत्काल पहचान कर उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि राज्य में कानून का राज स्थापित हो सके।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

