शिक्षक दिवस: डॉ. राधाकृष्णन को दी श्रद्धांजलि
शिक्षक दिवस पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन: समाज निर्माण और राष्ट्र को दिशा देने में गुरुओं की भूमिका सर्वोपरि
नई दिल्ली: शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर देश भर में भारत रत्न, पूर्व राष्ट्रपति और प्रकांड विद्वान डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। यह पावन दिन देश के उन सभी शिक्षकों और गुरुओं के सम्मान में मनाया जाता है, जो अपने ज्ञान, मार्गदर्शन और मूल्यों से भावी पीढ़ियों का निर्माण कर रहे हैं। डॉ. राधाकृष्णन का जीवन, दर्शन और ज्ञान की अमूल्य विरासत आज भी हर नागरिक और शिक्षाविद को प्रेरित करती है।
‘राष्ट्र निर्माण का आधार हैं शिक्षक’: डॉ. राधाकृष्णन का कालजयी संदेश डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का मानना था कि एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र की नींव केवल उसकी शिक्षा प्रणाली और शिक्षकों की निष्ठा पर टिकी होती है।
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व्यक्तित्व निर्माण: शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र, दृष्टिकोण और विचारों को सही दिशा प्रदान करते हैं।
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सदाबहार विरासत: उनकी जयंती हमें स्मरण कराती है कि समाज में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत गरिमापूर्ण और उत्तरदायित्व से भरी हुई है।
गुरु-शिष्य परंपरा और आधुनिक शिक्षा का समन्वय आज के आधुनिक और तकनीकी दौर में भी शिक्षक का स्थान अतुलनीय है। शिक्षक दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज का अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। देश भर के शिक्षण संस्थानों में आज विभिन्न सांस्कृतिक व शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ शिक्षकों के योगदान को सम्मानित किया जा रहा है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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