हवाई सफर में क्यों खतरनाक है अस्थमा? जानिए बचाव
कुआलालंपुर-सिडनी फ्लाइट में भारतीय यात्री की मौत: क्या हवाई सफर में और खतरनाक हो जाता है अस्थमा? जानिए जरूरी सावधानियां
नई दिल्ली: मलेशिया एयरलाइंस की कुआलालंपुर से सिडनी जा रही एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान में घटी एक दुखद घटना ने हवाई यात्रियों, विशेषकर सांस और अस्थमा (Asthma) के मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 8 घंटे की लंबी यात्रा के दौरान 58 वर्षीय एक भारतीय यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ने और अस्थमा अटैक आने से मौत हो गई।
फ्लाइट क्रू और सह-यात्रियों ने तुरंत प्राथमिक उपचार (First Aid) देकर मरीज को बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। सिडनी एयरपोर्ट पर उतरने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की गहन जांच की और इसे एक स्वाभाविक चिकित्सीय आपातस्थिति माना है। इस घटना के बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या हवा में उड़ते विमान के भीतर अस्थमा का खतरा बढ़ जाता है और इससे बचाव के लिए क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
क्या हवाई सफर में और खतरनाक हो जाता है अस्थमा?
चिकित्सा विशेषज्ञों और एविएशन मेडिसिन एक्सपर्ट्स के अनुसार, हवाई जहाज के केबिन का माहौल सामान्य जमीनी माहौल से काफी अलग होता है, जो अस्थमा के मरीजों के लिए ट्रिगर का काम कर सकता है:
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केबिन प्रेशर और ऑक्सीजन का स्तर: commercial उड़ानों में केबिन प्रेशर 6,000 से 8,000 फीट की ऊंचाई के बराबर सेट किया जाता है। इससे हवा में ऑक्सीजन का दबाव कम हो जाता है, जिससे सांस लेने में अतिरिक्त जोर लगाना पड़ता है।
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शुष्क हवा (Low Humidity): प्लेन के भीतर की हवा बेहद शुष्क (सूखी) होती है, जिसमें नमी की मात्रा 10% से 20% तक गिर जाती है। यह शुष्क हवा श्वसन नली (Airways) को सुखा देती है, जिससे सांस की नली में ऐंठन और अस्थमा अटैक का जोखिम बढ़ जाता है।
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मानसिक तनाव और एंग्जायटी: लंबी दूरी की उड़ानों में लगातार बैठे रहने, थकावट और यात्रा के तनाव (Flight Anxiety) से भी अस्थमा के लक्षण अचानक गंभीर रूप ले सकते हैं।
अस्थमा मरीज हवाई यात्रा के दौरान रखें इन बातों का विशेष ध्यान
अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य अस्थमा से पीड़ित है और हवाई यात्रा करने जा रहा है, तो स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा सुझाई गई इन सावधानियों का पालन अवश्य करें:
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हैंड बैग में रखें आवश्यक दवाएं: अपना इमरजेंसी इनहेलर (Reliever Inhaler) और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवाएं कभी भी चेक-इन सामान में न रखें। इन्हें हमेशा अपने हैंड बैग में ऐसी जगह रखें जहाँ से तुरंत निकाला जा सके।
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यात्रा से पहले डॉक्टर की सलाह (Fit to Fly): लंबी उड़ानों से पहले अपने डॉक्टर से मिलकर ‘अस्थमा एक्शन प्लान’ की समीक्षा करें और जरूरी हो तो यात्रा के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट साथ रखें।
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हाइड्रेटेड रहें: प्लेन में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें ताकि श्वसन नली में नमी बनी रहे। यात्रा के दौरान एल्कोहल और कैफीन (चाय/कॉफी) के सेवन से बचें।
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क्रू मेंबर्स को पूर्व सूचना दें: बोर्डिंग के समय ही केबिन क्रू को अपनी मेडिकल कंडीशन के बारे में सूचित कर दें ताकि किसी भी आपातस्थिति में वे तुरंत ऑक्सीजन या मेडिकल किट उपलब्ध करा सकें।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ इस दुखद घटना पर अपनी संवेदना व्यक्त करती है और सभी यात्रियों से अपील करती है कि वे स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों को प्राथमिकता दें।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)
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