‘थाना दिवस’ पर LG तरनजीत सिंह ने सुनीं जनसमस्याएं

“थाना दिवस से मजबूत हो रहा जनता का विश्वास”: उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने मौर्य एनक्लेव थाने में खुद सुनीं समस्याएं

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने, नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान और कानून-व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शनिवार को एक और बड़ा मील का पत्थर हासिल किया गया। माननीय उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन के अनुरूप दिल्ली के सभी 164 पुलिस थानों में 12वें “थाना दिवस–जन सुनवाई” सत्र का आयोजन किया गया।

इस बार की जनसुनवाई बेहद खास रही, क्योंकि उपराज्यपाल (@LtGovDelhi) ने स्वयं उत्तर-पश्चिमी जिले के मौर्य एनक्लेव थाना पहुँचकर नागरिकों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना।

12वें सत्र में 2,656 शिकायतें: 2,499 का मौके पर ही हुआ निपटारा

दिल्ली के 164 पुलिस थानों में आयोजित इस व्यापक जनसुनवाई में नागरिकों की भागीदारी अभूतपूर्व रही और त्वरित निस्तारण के रिकॉर्ड आंकड़े दर्ज किए गए:

  • मौके पर निस्तारण: जनसुनवाई के दौरान कुल 2,656 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से रिकॉर्ड 2,499 समस्याओं का मौके पर ही तुरंत निपटारा कर दिया गया।

  • उपराज्यपाल का सीधा हस्तक्षेप: मौर्य एनक्लेव थाने पहुंचे उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शिकायतकर्ताओं से आमने-सामने बातचीत की और अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कानूनी कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए।

  • पुलिस-जनता के बीच बढ़ा विश्वास: नियमित आधार पर शनिवार को आयोजित होने वाले ‘थाना दिवस’ ने थानों के प्रति आम जनता का डर समाप्त कर पुलिस और नागरिकों के बीच सहयोग, पारदर्शिता और भरोसे को सुदृढ़ किया है।

‘सत्यमेव पुलिस’: सुगम और पारदर्शी जनसुनवाई का संकल्प

उपराज्यपाल और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था दिल्ली के नागरिकों को बिना किसी परेशानी के त्वरित न्याय दिलाने में मील का पत्थर साबित हो रही है:

  1. अधिकारियों की सीधी जवाबदेही: थानों में उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में नागरिकों की सुनवाई होने से पुलिस तंत्र की जवाबदेही तय हो रही है और थानों के चक्कर काटने से आम जनता को मुक्ति मिल रही है।

  2. नागरिक केंद्रित पुलिसिंग: छोटे-मोटे विवादों, स्थानीय शिकायतों और नागरिक समस्याओं का मौके पर समाधान होने से अदालतों और थानों पर अतिरिक्त बोझ भी कम हो रहा है।

‘ऑल राइट्स मैगजीन’ दिल्ली पुलिस और उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू द्वारा जन-सेवा और पारदर्शी पुलिसिंग की दिशा में चलाए जा रहे इस ऐतिहासिक अभियान का सहर्ष स्वागत करती है।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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