बरेली में जमीन कब्जे पर चेतावनी

बरेली: पैतृक जमीन पर जबरन कब्जे का आरोप, न्याय के लिए पीड़ित ने डीएम-एसएसपी से लगाई गुहार; कार्रवाई न होने पर दी आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी

रिपोर्ट: विशेष ब्यूरो (बरेली/नवाबगंज)

(बरेली/नवाबगंज): उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में जमीन विवाद और दबंगई के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला नवाबगंज थाना क्षेत्र के ग्राम धोरेरा से आया है, जहां एक पीड़ित किसान ने गांव के ही दबंगों पर अपनी पैतृक भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का संगीन आरोप लगाया है। स्थानीय पुलिस से कोई मदद न मिलने के बाद हताश पीड़ित ने बरेली के जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला, तो वह अपने परिवार के साथ आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होगा।

बनवारी लाल पर पैतृक जमीन पर जबरन मेड़ डालकर कब्जा करने का आरोप

ग्राम धोरेरा निवासी पीड़ित सुरेश चंद्र ने वरिष्ठ अधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में अपनी आपबीती सुनाई। सुरेश चंद्र के अनुसार, उनकी पैतृक कृषि भूमि पर गांव के ही बनवारी लाल (पुत्र टीकाराम) की काफी समय से नियत खराब थी। आरोप है कि बनवारी लाल ने उनकी जमीन पर जबरन मेड़ डालकर (खेत की सीमा बदलकर) अवैध कब्जा कर रखा है, जिससे पीड़ित अपने ही खेत का उपयोग नहीं कर पा रहा है।

दो बार हुआ कब्जा करने का प्रयास, पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप

सुरेश चंद्र ने अपनी तहरीर में सिलसिलेवार ढंग से घटनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे लगातार उनकी जमीन को पूरी तरह हड़पने की कोशिश में जुटे हैं:

  • 28 मई की घटना: इस दिन करीब छह लोगों ने एक राय होकर उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया और विरोध करने पर गाली-गलौज की।

  • 30 मई की घटना: इसके ठीक दो दिन बाद, 30 मई को फिर से पांच लोगों ने एकजुट होकर खेत पर धावा बोला और अवैध कब्जे का प्रयास किया।

पीड़ित का आरोप है कि इन दोनों घटनाओं की तत्काल लिखित सूचना स्थानीय नवाबगंज थाना पुलिस को दी गई थी। लेकिन पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को समझने के बजाय ढुलमुल रवैया अपनाया और अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई भी प्रभावी या दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की है।

फर्जी मुकदमे और जान से मारने की धमकी, पीड़ित ने मांगी सुरक्षा

सुरेश चंद्र का कहना है कि पुलिसिया कार्रवाई न होने से शह पाए आरोपी अब उन्हें और उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। दबंगों द्वारा उन्हें स्थानीय पुलिस की साठगांठ से किसी झूठे और फर्जी मुकदमे में फंसाने तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। भयभीत पीड़ित ने जिला प्रशासन से अपनी पैतृक जमीन को तुरंत कब्जा मुक्त कराने और दबंगों के खौफ को देखते हुए अपने परिवार के लिए कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।

न्याय न मिलने पर सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी

प्रशासनिक और पुलिसिया चौखटों के चक्कर काट-काट कर थक चुके सुरेश चंद्र ने बेहद हताश होकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने उच्च अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में उन्हें जल्द ही निष्पक्ष न्याय नहीं मिला और उनकी जमीन वापस नहीं दिलाई गई, तो वह अपने पूरे परिवार सहित कोई भी आत्मघाती कदम उठाने (जैसे आत्मदाह) को विवश हो जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।

फिलहाल, उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच और त्वरित आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


बरेली से अमरजीत की रिपोर्ट

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

(Allrights Magazine)


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