बिहार में निवेश के लिए नियम होंगे सरल

बिहार: अनावश्यक अनुपालन खत्म करें, निवेश के लिए सुगम माहौल बनाएं: सीएम सम्राट चौधरी का निर्देश

(पटना): बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पटना स्थित संकल्प सभागार में ‘कम्प्लायंस रिडक्शन एंड डीरेगुलेशन’ (Compliance Reduction and Deregulation) को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि राज्य में निवेश और व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए सभी अनावश्यक सरकारी अनुपालनों (Compliances) को तुरंत समाप्त किया जाए और एक सुगम वातावरण तैयार किया जाए।

सीएम सम्राट चौधरी के प्रमुख निर्देश

  • डीरेगुलेशन और सुधार जरूरी: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बिहार में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने, स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन देने तथा रोजगार सृजन की गति को तेज करने के लिए डीरेगुलेशन एवं प्रक्रियात्मक सुधार करना अत्यंत आवश्यक है।

  • लाइसेंस और परमिट का सरलीकरण: सीएम ने निर्देश दिया कि सरकार का प्रत्येक विभाग अपने अधीन आने वाले सभी प्रकार के लाइसेंस, अनुमतियों, निरीक्षण प्रक्रियाओं और रिपोर्टिंग आवश्यकताओं का गहन परीक्षण करे। इसके साथ ही, एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर इनके सरलीकरण के लिए ठोस प्रस्ताव प्रस्तुत करे।

  • सरकार की भूमिका ‘सुविधा प्रदाता’ की हो: बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की भूमिका नागरिकों और उद्यमियों को परेशान करने की नहीं, बल्कि उन्हें सुविधाएं प्रदान करने की होनी चाहिए। उद्योगों, निवेशकों, स्टार्टअप्स, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

  • डिजिटल माध्यमों और स्व-प्रमाणन पर जोर: सभी विभागों को डिजिटल माध्यमों, स्व-प्रमाणन (Self-Certification), ऑनलाइन अनुमोदन और समयबद्ध सेवा वितरण की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग यह भी सुनिश्चित करें कि किसी उद्यमी या नागरिक से एक ही सूचना अलग-अलग स्तरों पर बार-बार मांगने की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त किया जाए।

सुधारों से उद्योगों पर कम होगा अनावश्यक बोझ

मुख्यमंत्री ने इन सुधारों के दूरगामी प्रभावों की चर्चा करते हुए कहा कि प्रक्रियाएं सरल होने से उद्योगों और बाजारों पर से अनावश्यक कागजी बोझ कम होगा, जिससे उनकी प्रतिस्पर्द्धा और दक्षता को बढ़ावा मिलेगा। इसके परिणामस्वरूप राज्य में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (कारोबार सुगमता), प्रशासनिक दक्षता और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया जाएगा और बिहार निवेश व औद्योगिक विकास के लिए एक आकर्षक राज्य के रूप में उभरेगा।

विभिन्न विभागों की कार्य योजना पर हुई चर्चा

उच्चस्तरीय बैठक के दौरान उद्योग, नगर विकास एवं आवास, श्रम संसाधन, कृषि, ऊर्जा, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पर्यटन, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, सामान्य प्रशासन और फायर सर्विसेज से जुड़े विषयों पर सुधारात्मक प्रयासों की समीक्षा की गई। संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिवों ने अपने-अपने विभागों की भावी कार्य योजना के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में यह रहे उपस्थित

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के साथ बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा, पर्यावरण मंत्री डॉ० रामचन्द्र प्रसाद और राजस्व मंत्री डॉ० दिलीप जायसवाल मौजूद थे। इसके अतिरिक्त प्रशासनिक अमले से मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह सहित अन्य सभी विभागों के वरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।


रिपोर्ट: पीयूष कुमार प्रियदर्शी

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

(Allrights Magazine)


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