खीरी: फर्जी सिम से ठगी गिरोह गिरफ्तार

खीरी: सरकारी योजनाओं के नाम पर सिम एक्टिवेट कर ठगी करने वाले गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार; 324 सिम और 8 मोबाइल बरामद

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (UP STF) ने भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और अधिक पैसा कमाने का लालच देकर उनके नाम पर सिम कार्ड एक्टिवेट कराने वाले एक बड़े साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ की टीम ने इस गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। यह गिरोह एक्टिवेट किए गए सिम कार्डों से यूपीआई (UPI) आईडी बनाकर विभिन्न गेमिंग ऐप्स के माध्यम से बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा था

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:

  1. अभिषेक वर्मा पुत्र संजय वर्मा, निवासी रामपुरवा (सीतापुर)

  2. नीरज वर्मा पुत्र सतीश कुमार वर्मा, निवासी ग्राम रायपुर (लखीमपुर खीरी)

  3. रवि दीप कुमार पुत्र प्रेम प्रकाश, निवासी बचाव (लखीमपुर खीरी)

  4. आदेश वर्मा पुत्र रामसेवक वर्मा, निवासी ग्राम बेलवा (लखीमपुर खीरी)

आवास विकास कॉलोनी से हुई गिरफ्तारी, भारी मात्रा में सामान बरामद

एसटीएफ मुख्यालय द्वारा जारी प्रेस नोट (संख्या 207) के अनुसार, यह गिरफ्तारी 09 जुलाई 2026 की रात करीब 09:00 बजे जनपद खीरी के सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आवास विकास कॉलोनी से की गई

अभियुक्तों के पास से की गई बरामदगी:

  • सिम कार्ड: 324 अदद चालू (एक्टिवेट) सिम कार्ड

  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: 08 अदद मोबाइल फोन और 01 अदद मार्को फिंगर मशीन

  • वित्तीय व पहचान दस्तावेज: 06 अदद विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, 02 पहचान पत्र (दस्तावेज), 01 अदद पैन कार्ड और 01 अदद फोन पे का आईडी कार्ड

  • वाहन व नकदी: ₹58,000/- नगद और 02 अदद दो पहिया वाहन

एनएसडीएल (NSDL) अकाउंट और गेमिंग ऐप्स से ठगी का खेल

एसटीएफ की पूछताछ में गिरफ्तार साइबर अपराधियों ने अपने पूरे नेटवर्क और तौर-तरीकों का खुलासा किया है:

  • योजनाओं का झांसा: गिरोह के सदस्य ग्रामीण और सीधे-साधे लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने या अन्य माध्यमों से त्वरित पैसा कमाने का प्रलोभन देते थे

  • फर्जी सिम और यूपीआई क्रिएशन: लोगों को झांसे में लेकर उनके फिंगरप्रिंट और दस्तावेजों के जरिए सिम एक्टिवेट कराए जाते थे। इसके बाद उन नंबरों को एनएसडीएल (NSDL) बैंक अकाउंट से लिंक कर उनकी यूपीआई आईडी तैयार की जाती थी

  • गेमिंग ऐप्स में मनी लॉन्ड्रिंग: इन यूपीआई आईडी का इस्तेमाल अवैध गेमिंग ऐप्स में पैसे लगाने और आम जनता से धोखाधड़ी कर कमाए गए पैसों को ठिकाने लगाने के लिए किया जाता था

एसटीएफ की लंबी निगरानी के बाद दबोचे गए अपराधी

लखीमपुर खीरी और आस-पास के जिलों में इस गिरोह की सक्रियता को लेकर एसटीएफ को पिछले काफी दिनों से गोपनीय सूचनाएं मिल रही थीं। एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक श्री अवनीश्वर चन्द्र श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में गठित टीम इस गिरोह की टोह में लगी थी

उपनिरीक्षक पवन कुमार सिंह के नेतृत्व में मुख्य आरक्षी रमाशंकर चौधरी, चेतन सिंह, सूरज कुमार, राघवेन्द्र तिवारी और आरक्षी सुधीर कुमार की टीम जब जनपद खीरी में भ्रमणशील थी, तभी मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य आवास विकास कॉलोनी में मौजूद हैं, जिसके बाद घेराबंदी कर इन्हें दबोच लिया गया

गिरफ्तार चारों अभियुक्तों के खिलाफ थाना कोतवाली सदर, जनपद खीरी में मु0अ0सं0 531/2026, धारा 112/318(4)/317(2) बीएनएस एवं 66 (डी) आईटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। आगे की विधिक व कानूनी कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है

(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 (एडिटर (Allrights Magazine)

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