बरेली श्री हरि मंदिर भागवत कथा पांचवा दिन
बरेली: श्री हरि मंदिर में धूमधाम से मनाया गया गोवर्धन पूजा उत्सव, ठाकुर जी को लगा 56 भोग; ‘मनुष्य की महानता उसके उपयोगी होने में है’ — राष्ट्रीय संत श्री गोविंद देव गिरी जी महाराज
(बरेली): उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के मॉडल टाउन स्थित श्री हरि मंदिर में चल रही सात दिवसीय भव्य श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन कथा पंडाल पूरी तरह गोवर्धनमय हो गया। दिनांक 30 मई को परम पूज्य राष्ट्रीय संत श्री गोविंद देव गिरी जी महाराज के सानिध्य में पंचम दिवस की कथा के दौरान गोवर्धन पूजा का पावन पर्व बड़ी ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दिव्य अवसर पर श्री ठाकुर जी (भगवान श्रीकृष्ण) को छप्पन (56) भोग का भव्य प्रसाद अर्पण किया गया, जिसके दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
“अमृत पीने वाले देवता और जहर पीने वाले महादेव बने, लोगों की भलाई में लगाएं जीवन” — महाराज श्री
व्यासपीठ से परम पूज्य गोविंद देव गिरी जी महाराज ने पांचवें दिन की कथा का दिव्य व्याख्यान करते हुए मानव जीवन की सार्थकता और सिद्धांतों पर अडिग रहने का संदेश दिया:
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मानव जीवन का वास्तविक मूल्य: महाराज जी ने कहा कि किसी भी मनुष्य की महानता इस बात से तय होती है कि वह समाज और राष्ट्र के लिए कितना उपयोगी है। लोगों की भलाई और परोपकार में अपना जीवन लगाना ही जीवन को सार्थक बनाता है।
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महादेव का उदाहरण: उन्होंने प्रेरित करते हुए कहा कि अमृत पीने वाले तो केवल ‘देवता’ बनकर रह गए, लेकिन लोक कल्याण के लिए विष (जहर) का पान करने वाले साक्षात ‘महादेव’ कहलाए। इसलिए मनुष्य को कभी भी दूसरों की बुराइयों का चिंतन नहीं करना चाहिए, बल्कि हमेशा अपने देश, समाज और राष्ट्र की भलाई के लिए तत्पर रहना चाहिए। इंसान को अपने जीवन के उच्च सिद्धांतों का कभी परित्याग नहीं करना चाहिए।
गजेंद्र मोक्ष प्रसंग: “जब सब साथ छोड़ दें, तब भगवान ही एकमात्र सहारा”
कथा के दौरान महाराज जी ने ‘गजेंद्र मोक्ष’ के मार्मिक प्रसंग का अत्यंत सुंदर वर्णन किया:
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संसार की निस्सारता: असंख्य हाथियों का बल रखने वाले गजेंद्र को जब जल के भीतर ग्राह (मगरमच्छ) ने पकड़ लिया, तो दोनों के बीच कई दिनों तक भीषण खींचतान चलती रही। समय बीतने के साथ जब गजेंद्र पराधीन और शक्तिहीन होने लगा, तो उसकी पत्नियां, परिवार और पूरा कुनबा (साथी हाथी) उसे अकेला छोड़कर चले गए।
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शरणागति की महिमा: जब गजेंद्र के मन में विचार आया कि विपत्ति के समय जिनके भरोसे वह था, वे सब हाथ छोड़कर चले गए हैं; तब उसने अपनी सूंड में एक कमल का फूल लेकर परमपिता परमेश्वर को पूरे विश्वास के साथ पुकारा। गजेंद्र की इस अनन्य शरणागति को देखकर भगवान स्वयं प्रकट हुए और उन्होंने ग्राह का संहार कर गजेंद्र के प्राणों की रक्षा की।
प्रतिदिन हो रही ज्ञानमयी ‘मानस चर्चा’
मंदिर के सचिव रवि छाबड़ा ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुख्य श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ से पहले प्रतिदिन शाम 4:30 बजे से 5:30 बजे तक डॉ. श्री बृजेश यादव द्वारा विशेष ‘मानस चर्चा’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालु रामायण के गूढ़ रहस्यों को समझ रहे हैं।
पुष्प वर्षा के बीच व्यासपीठ पर महाराज जी का अभिनंदन
कथा सत्र प्रारंभ होने से पूर्व महाराज श्री ने श्री युगल जोड़ी सरकार (राधा-कृष्ण) एवं मंदिर में स्थापित अन्य देवी-देवताओं के श्री चरणों में वंदन कर बरेली वासियों के कल्याण का आशीर्वाद मांगा। इसके बाद महिला मंडल की सम्मानित सदस्य माताओं और बहनों ने कतारबद्ध होकर महाराज जी पर पुष्पों की वर्षा की और उनका भव्य स्वागत किया।
इसके पश्चात मंदिर के अध्यक्ष सुशील अरोड़ा, सचिव रवि छाबड़ा, विश्वनाथ सेकसरिया, लखनऊ से पधारे अमित जी, अरुण गुप्ता, कैलाश गुप्ता, मोहता जी, राज कुमार अग्रवाल व अन्य अनन्य भक्तों ने महाराज जी का माल्यार्पण कर व्यासपीठ पर अभिनंदन किया।
बरेली वासियों का परम सौभाग्य
पंचम दिवस की दिव्य कथा के विश्राम और महाआरती के बाद सचिव रवि छाबड़ा ने सभी उपस्थित भक्तों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को परम सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि यह हम समस्त बरेली वासियों का अहोभाग्य है जो हमें पूज्य गुरुदेव के श्रीमुख से इस पावन कथा को श्रवण करने का अलौकिक अवसर प्राप्त हो रहा है।
गोवर्धन उत्सव में सम्मिलित हुए शहर के गणमान्य नागरिक
आज के पावन गोवर्धन पूजा उत्सव और 56 भोग दर्शन के अवसर पर मुख्य रूप से विश्वनाथ सेकसरिया, कृष्ण कुमार मोहता, राज कुमार अग्रवाल, सुशील अरोड़ा, रवि छाबड़ा, अनिल अरोरा, संजय आनंद, गोविंद तनेजा, रंजन कुमार सहित भारी संख्या में शहर के गणमान्य लोग, प्रबुद्ध नागरिक और हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बरेली से अमरजीत
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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