करोड़ों की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड विवेक सिंह गिरफ्तार
“IPO निवेश के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी”: My Ground11 ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी ACI एलीवेशन ऐप गिरोह का सरगना विवेक सिंह देहरादून से गिरफ्तार
लखनऊ/देहरादून: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भारतीय नागरिकों को शेयर बाजार और बड़ी कंपनियों के आईपीओ (IPO) में भारी मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का स्पेशल टास्क फोर्स (STF) उत्तर प्रदेश ने पर्दाफाश किया है।
यूपी एसटीएफ मुख्यालय की टीम ने पुलिस उपाधीक्षक सुधांशु शेखर के पर्यवेक्षण में कार्रवाई करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना और बीटेक ग्रेजुएट विवेक कुमार सिंह (उम्र 37 वर्ष, निवासी गुरुग्राम/देहरादून) को देहरादून (उत्तराखंड) के राजपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी My Ground11 Gaming Zone Pvt Ltd. नामक फर्जी गेमिंग प्लेटफॉर्म और फर्जी इन्वेस्टमेंट पोर्टल बनाकर देश भर के हजारों निवेशकों को निशाना बना रहा था।
इंस्टाग्राम ऐड से फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप; जानिए कैसे होता था करोड़ों का फ्रॉड
एसटीएफ की जांच और अभियुक्त से हुई पूछताछ में साइबर ठगी के इस हाई-टेक और जालसाजी से भरे मॉड्यूल का खुलासा हुआ है:
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ट्रेनिंग और फर्जी प्रॉफिट स्क्रीनशॉट: आरोपी इंस्टाग्राम पर ‘स्टॉक मार्केट एनालिसिस ट्रेनिंग’ का फर्जी विज्ञापन देते थे। इसके बाद निवेशकों को ‘VIP9-6 ACI exclusive guidance group’ नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा जाता था, जहाँ कथित एक्सपर्ट ‘Tripti Grover’ फर्जी प्रॉफिट के स्क्रीनशॉट शेयर कर लोगों को झांसे में लेती थी।
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फर्जी ACI Century ऐप और फर्जी डैशबोर्ड: निवेशकों को आईपीओ खरीदने और बेचने पर बंपर रिटर्न का लालच देकर एक लिंक के जरिए ACI Century App डाउनलोड कराया जाता था। ऐप के फर्जी डैशबोर्ड पर फर्जी मुनाफा दिखाया जाता था, जिससे झांसे में आकर पीड़ित अपने मेहनत की कमाई अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करते रहते थे।
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दुबई कनेक्शन और USDT में हेरफेर: ठगी की रकम को फर्जी कंपनियों (Shell Companies) के खातों में घुमाने के बाद कई लेयर बनाकर क्रिप्टो करेंसी (USDT) में बदला जाता था और फिर इसे दुबई में बैठे अपने सहयोगियों को भेज दिया जाता था।
नेशनल पोर्टल पर 3,087 शिकायतें; नागपुर, झाबुआ से ठाणे तक फैले तार
लखनऊ के साइबर क्राइम थाने में पीड़िता अपूर्वा राय की तहरीर पर दर्ज मु०अ०सं० 126/2025 में यह कार्रवाई की गई है। जांच में पाया गया कि इस गिरोह का जाल पूरे भारत में फैला हुआ है:
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पूर्व में पकड़े गए साथी: एसटीएफ पूर्व में ही इस सिंडिकेट के सदस्य अनुराग अरविंद श्रीवास्तव (नागपुर से), विनोद कुमार राठौर (झाबुआ, एमपी से) और सुधीर गंगाधर दास व शेख नदीम सलीम (ठाणे, महाराष्ट्र से) को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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देशभर में 3,087 ऑनलाइन शिकायतें: नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की जांच से पता चला कि इस गिरोह के खिलाफ देश भर से 3,087 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं।
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अभियुक्त पर 11 केस दर्ज: मुख्य आरोपी विवेक कुमार सिंह के खिलाफ लखनऊ और अंडमान-निकोबार (श्रीविजयपुरम) के साइबर थानों में कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं। उसके पास से लैपटॉप, मोबाइल, राउटर और कैश बरामद हुआ है।
एसटीएफ आरोपी को देहरादून अदालत से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर लखनऊ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ला रही है, जहाँ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ आम जनता से अपील करती है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले अज्ञात व्हाट्सएप ग्रुपों, अनधिकृत ट्रेडिंग ऐप्स और फर्जी आईपीओ निवेश के लुभावने दावों से सावधान रहें तथा ऐसे अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों पर करारा प्रहार करने के लिए यूपी एसटीएफ की सराहना करती है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)
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