मोती मियां उर्स में तबर्रुकात की ज़ियारत
बरेली: मुर्तज़ा हुसैन ‘मोती मियां’ के उर्स के आखिरी दिन अकीदतमंदों ने की सरकार गौसे आज़म के तबर्रुकात की ज़ियारत
(बरेली): उत्तर प्रदेश के बरेली में रामपुर रोड स्थित आनंद विहार कॉलोनी गेट पर स्थित हज़रत मुर्तज़ा हुसैन ‘मोती मियां’ और हज़रत गौस अली शाह जलाली उर्फ कोड़ा शाह बाबा की दरगाह पर चल रहे तीन दिवसीय सालाना उर्स-ए-पाक का शुक्रवार को अकीदत और एहतराम के साथ समापन हो गया। उर्स के तीसरे और आखिरी दिन मुख्य आकर्षण सरकार गौसे आज़म दस्तगीर के पवित्र तबर्रुकात (धार्मिक अवशेष) की ज़ियारत रहा, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में जायरीन दरगाह पहुंचे।
कुरान ख्वानी और सलातो-सलाम से हुई सुबह की शुरुआत
उर्स के अंतिम दिन के सभी धार्मिक अनुष्ठान बेहद सादगी और रूहानी माहौल में संपन्न हुए:
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कुरान की तिलावत: आखिरी दिन के कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह बाद नमाज़-ए-फ़ज्र (सुबह की नमाज़ के बाद) दरगाह परिसर में पवित्र कुरान की तिलावत और मख़सूस दुआओं के साथ हुई।
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अकीदत का नज़राना: इसके बाद दरगाह से जुड़े उलेमा और मुरीदों ने बारगाहे-मुस्तफा और मज़ार-ए-मुबारक पर अकीदत के साथ सलातो-सलाम का नज़राना पेश किया।
पवित्र तबर्रुकात की ज़ियारत
सुबह 10:00 बजे उर्स का सबसे रूहानी और अहम पल आया, जब हज़रत पाशा मियां निज़ामी ने दरगाह पहुंचे तमाम मुरीदों और जायरीनों को तबर्रुकात के दीदार कराए:
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क्या-क्या शामिल था: ज़ियारत के दौरान अकीदतमंदों को ‘सरकार गौसे पाक’ के गुंबद की पवित्र टाइल्स, मज़ार शरीफ का गिलाफ़ और ‘सुलतान-उल-हिंद सरकार ग़रीब नवाज़’ (ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती) से जुड़े पवित्र तबर्रुकात के दर्शन कराए गए।
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दस्तारबंदी और दुआ: तबर्रुकात की ज़ियारत के बाद हज़रत पाशा मियां ने उर्स के सफल आयोजन में दिन-रात सहयोग करने वाले सभी खादिमों और खिदमतगारों की हौसलाअफजाई करते हुए उनकी पारंपरिक ‘दस्तारबंदी’ (पगड़ी बांधना) की और देश में अमन-चैन व भाईचारे के लिए दुआ-ए-खैर की।
प्रशासन का आभार और उर्स के समापन की घोषणा
दरगाह के मीडिया प्रभारी वसी अहमद वारसी ने तीन दिनों तक चले इस उर्स-ए-पाक को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय शासन, जिला प्रशासन, पुलिस बल और सभी सेवादारों (खिदमत करने वालों) का दिल से शुक्रिया अदा किया। इसके साथ ही उन्होंने तीन रोज़ा उर्स के आधिकारिक समापन की घोषणा की।
उर्स में शामिल मुख्य हस्तियां:
इस रूहानी महफ़िल और ज़ियारत के मौके पर वसी अहमद, अकरम वारसी, शन्नो परवीन, गामा वारसी, वसीम वारसी, शाज़ेब अली खां, रिज़वान नियाज़ी, चमन मियां नियाज़ी, शादाब कुरैशी, इब्राहिम निज़ामी, इसरार निज़ामी, अली मियां, फ़ैज़ान मोईन चिश्ती, असीम नियाज़ी, अरबाज़ खान, अमान हुसैन, फ़िरोज़ नियाज़ी, फ़ैज़ी निज़ामी, नवाब मियां और शम्मू खान सहित हज़ारों की तादाद में स्थानीय लोग और ज़ायरीन मौजूद रहे।
बरेली से अमरजीत
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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