मंडलीय उद्योग बंधु समिति की बैठक
बरेली: मंडलीय उद्योग बंधु समिति की बैठक में गूंजी उद्यमियों की समस्याएं, उठाए गए अहम मुद्दे
चैम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने दर्ज कराई उपस्थिति, विकास कार्यों और प्रशासनिक अड़चनों पर हुई चर्चा
विशेष रिपोर्ट
(बरेली): क्षेत्रीय विकास, औद्योगिक प्रगति और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए आज अपरान्ह 12:00 बजे कमिश्नरी सभागार में ‘मंडलीय उद्योग बंधु समिति’ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें चैम्बर उपाध्यक्ष श्री एस.के. सिंह, वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य श्री अजय शुक्ला, श्री विमल रेवाड़ी और चैम्बर सचिव श्री शरद अग्रवाल मुख्य रूप से शामिल रहे।
बैठक के दौरान प्राप्त आधिकारिक एजेंडा दस्तावेज़ “WhatsApp Image 2026-06-06 at 10.30.58 AM.jpeg” के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं और प्रशासनिक नियमों में हुए बदलावों को लेकर गंभीर चर्चा हुई।
एजेंडा के मुख्य बिंदु और लिए गए निर्णय
बैठक में मुख्य रूप से जनपद बरेली के अंतर्गत आने वाले औद्योगिक आस्थानों की दो बड़ी समस्याओं को पटल पर रखा गया और उन पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए:
1. भोजीपुरा औद्योगिक आस्थान में जल निकासी की गंभीर समस्या (बिंदु संख्या 11)
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मुद्दे की पृष्ठभूमि: बैठक में वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य और औद्योगिक आस्थान भोजीपुरा के अध्यक्ष श्री अजय शुक्ला द्वारा पूर्व में उठाई गई जल निकासी (ड्रेनेज) की समस्या को दोबारा प्रमुखता से उठाया गया। औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों पर जलभराव के कारण उद्यमियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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प्रशासनिक प्रगति: इस समस्या के स्थायी निवारण के लिए संयुक्त आयुक्त उद्योग, उपायुक्त उद्योग और जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र, बरेली द्वारा एक विस्तृत एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेजा जा चुका है। इसके साथ ही जिलाधिकारी महोदय के स्तर से भी बजट आवंटन हेतु पत्र प्रेषित किया जा चुका है। उम्मीद जताई गई है कि माह जून 2026 तक इसके लिए आवश्यक बजट प्राप्त हो जाएगा।
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नया निर्देश: इसके अनुपालन में संयुक्त आयुक्त उद्योग द्वारा जनपद बरेली में स्थापित भोजीपुरा औद्योगिक आस्थान की सड़कों में जल भराव की समस्या के निवारणार्थ आयुक्त महोदय के स्तर से आयुक्त एवं निदेशक उद्योग को पुनः पत्र प्रेषित कराया गया है। साथ ही लोक निर्माण विभाग और परिवहन विभाग को पूर्व बैठकों के निर्देशानुसार मथुरापुर वाली रोड पर वाहन लोड का आकलन करते हुए सड़क मरम्मत और ड्रेनेज की व्यवस्था कराने को कहा गया है।
2. औद्योगिक इकाइयों के नक्शों के अनुमोदन का पेचीदा नियम (बिंदु संख्या 12)
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मुद्दे की पृष्ठभूमि: श्री अजय शुक्ला ने समिति को अवगत कराया कि पूर्व में उद्योग विभाग के औद्योगिक आस्थानों के अंतर्गत आने वाले भूखंडों और औद्योगिक इकाइयों के नक्शों का अनुमोदन ‘संयुक्त आयुक्त उद्योग’ या ‘उपायुक्त उद्योग’ के स्तर से ही स्थानीय रूप से कर दिया जाता था।
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नई व्यवस्था से परेशानी: शासन द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के अनुसार, अब इन नक्शों को पास या अनुमोदित कराने के लिए सीधे मुख्यालय स्तर पर आवेदन करना होगा। उद्यमियों का मानना है कि इस केंद्रीयकृत (सेंट्रलाइज्ड) व्यवस्था से फाइलों के निपटारे में काफी समय लगेगा, जिससे नए उद्योगों को स्थापित करने में उद्यमियों को भारी कठिनाइयों और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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अधूरी अनुपालन आख्या: इस संदर्भ में पूर्व की बैठक में निर्देश दिए गए थे कि संबंधित औद्योगिक संगठन इस व्यवस्था में आवश्यक परिवर्तन के लिए संयुक्त आयुक्त उद्योग को अपना एक विस्तृत प्रत्यावेदन (Representation) उपलब्ध कराएं। हालांकि, दस्तावेज़ के अनुसार निर्धारित समय सीमा (हस्तलिखित तारीख 26/4/26) तक संबंधित उद्यमी संगठन द्वारा यह प्रत्यावेदन उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। समिति ने निर्देश दिया है कि संबंधित संगठन जल्द से जल्द यह प्रत्यावेदन सौंपे ताकि संयुक्त आयुक्त उद्योग के स्तर से इसे मुख्यालय प्रेषित कर नियमों में ढील देने की मांग की जा सके।
गुणवत्ता और समयबद्धता पर चैम्बर का जोर
बैठक के अंत में अध्यक्ष महोदय की अनुमति से अन्य कई अनुपूरक बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। चैम्बर के सचिव श्री शरद अग्रवाल और उपाध्यक्ष श्री एस.के. सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि मंडलीय उद्योग बंधु की बैठकें उद्योगों की समस्याओं को सुलझाने का एक बेहतरीन मंच हैं। चैम्बर ने मांग की है कि बुनियादी ढांचे (सड़क, बिजली, ड्रेनेज) के निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की देरी न की जाए और अधिकारियों की जवाबदेही तय हो ताकि क्षेत्र में व्यापार अनुकूल माहौल (Ease of Doing Business) बना रहे।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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