बरेली अर्बन हाट मॉल तोड़फोड़ पर बवाल

बरेली: अर्बन हाट की जगह बने मॉल पर चला पीला पंजा; बुनकरों के हक पर ‘पूंजीपतियों’ के कब्जे और सरकारी पैसे की बर्बादी पर भड़का जनता का गुस्सा

(बरेली): उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में विकास भवन के पास स्थित ‘काष्ठ कला केंद्र – अर्बन हाट’ को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर #JanataKiAwaaz और #BareillyDevelopment जैसे हैशटैग के साथ स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि बुनकरों और स्थानीय छोटे दस्तकारों के लिए आरक्षित इस कीमती सरकारी जमीन पर पहले एक बड़ा मॉल खड़ा करने दिया गया, और अब उसमें बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की जा रही है। इस पूरी कवायद को लेकर सरकारी धन की बर्बादी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं।

करोड़ों का इंफ्रास्ट्रक्चर बनाकर तोड़ना: गलती या सोची-समझी साजिश?

स्थानीय जनता और सोशल मीडिया यूजर्स इस बात से बेहद आक्रोशित हैं कि आखिर जिस इमारत को बनाने में करोड़ों रुपये का सरकारी फंड और संसाधन इस्तेमाल हुए, उसे अब क्यों तोड़ा जा रहा है? जनता ने प्रशासन के सामने ये तीखे सवाल दागे हैं:

  • किसे फायदा पहुंचाने की कोशिश?: पहले इतना बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना और फिर उसे ढहा देना—इस खेल के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है और इससे किस रसूखदार को फायदा पहुंचाया जा रहा है?

  • किसकी लापरवाही से बना अवैध ढांचा?: अगर यह निर्माण नियमों के खिलाफ या गलत था, तो जब यह विशाल मॉल बन रहा था तब बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) और संबंधित अधिकारी कहाँ सो रहे थे? क्या इसकी बिल्डिंग क्वालिटी खराब थी या नक्शे में हेरफेर था?

  • जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब?: इस भारी वित्तीय नुकसान और गलत निर्माण के लिए जो भी सरकारी अधिकारी या ठेकेदार जिम्मेदार हैं, उन पर अब तक कोई सख्त कानूनी या अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

बुनकरों और छोटे कारोबारियों के हक पर डाका?

जनता का आरोप है कि यह पूरा परिसर मूल रूप से बरेली के पारंपरिक हुनरमंदों, बुनकरों, काष्ठ कला (लकड़ी के शिल्पकारों) और बेंत-फर्नीचर के छोटे व्यापारियों को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था।

“यह स्थान गरीब बुनकरों और छोटे फर्नीचर कारोबारियों के रोजगार के लिए आरक्षित था। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि इस बेशकीमती जगह को साजिश के तहत चंद बड़े पूंजीपतियों के हाथों में सौंपने की पूरी पटकथा तैयार की जा रही है।”

सोशल मीडिया पर जवाबदेही की मांग

यह मुद्दा इंटरनेट पर तेजी से ‘एक्स’ (ट्विटर) और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेंड कर रहा है। लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शासन से मांग कर रहे हैं कि बरेली के इस ‘अर्बन हाट’ घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। जनता का साफ कहना है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर केवल गरीब रेहड़ी-पटरी वालों पर बुलडोजर चलाने वाला प्रशासन, इस आलीशान मॉल को बनाने और फिर तोड़ने वाले जिम्मेदार बड़े अधिकारियों पर कब कार्रवाई करेगा?

फिलहाल, इस पूरे मामले पर बरेली विकास प्राधिकरण या स्थानीय जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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मयंक शुक्ला

(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


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