UPSTF ने पुलिस भर्ती ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया

यूपी एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में पास कराने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का सरगना और सक्रिय सदस्य गिरफ्तार

विशेष आपराधिक व पुलिसिया कार्रवाई रिपोर्ट

(लखनऊ/प्रयागराज): स्पेशल टास्क फोर्स (STF), उत्तर प्रदेश को पुलिस भर्ती परीक्षाओं की शुचिता भंग करने वाले गिरोहों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ उत्तर प्रदेश की टीम ने ‘उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2025’ में भोले-भाले अभ्यर्थियों को पास कराने का झांसा देकर मोटी रकम वसूलने और ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मुख्य सरगना और उसके एक सक्रिय सदस्य को दबोच लिया है

एसटीएफ की फील्ड इकाई (प्रयागराज) द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई में गिरोह के सरगना राजू कुमार मांझी और उसके मुख्य सहयोगी छोटे लाल यादव को गिरफ्तार किया गया है

गिरफ्तार अभियुक्तों का पूरा प्रोफाइल

एसटीएफ द्वारा जारी आधिकारिक विवरण के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  1. राजू कुमार मांझी (गिरोह का मुख्य सरगना): यह मूल रूप से ग्राम हकाम, थाना मुफस्सिल, जनपद सिवान (बिहार) का निवासी है और वर्तमान में शांतिकुन्ज अपार्टमेंट, टैगोर टाउन, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में रह रहा था

  2. छोटे लाल यादव (सक्रिय सदस्य): यह ग्राम बड़ागांव, थाना मुगरा बादशाहपुर, जनपद जौनपुर (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है

गिरफ्तारी का स्थान, समय और बरामदगी का विवरण

इन दोनों जालसाजों को जौनपुर जिले के मुगरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बड़ागांव से 10 जून 2026 को शाम ठीक 07:45 बजे मुखबिर की सटीक सूचना और आपराधिक अभिसूचना संकलन के आधार पर घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया

तलाशी के दौरान इनके पास से भारी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं, जो इनके अपराधों की पुष्टि करते हैं:

  • प्रवेश पत्र: विभिन्न अभ्यर्थियों के 21 अदद एडमिट कार्ड (प्रवेश पत्र) की छायाप्रतियां

  • आधार कार्ड: 03 अदद आधार कार्ड की छायाप्रतियां

  • अंकपत्र व चेक: 04 अदद शैक्षणिक अंकपत्रों की छायाप्रतियां और बैंक लेनदेन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 03 अदद चेक की छायाप्रतियां

  • डिजिटल साक्ष्य: 02 अदद सक्रिय मोबाइल फोन और अभ्यर्थियों से सौदेबाजी के लिए की गई 13 अदद व्हाट्सएप चैट (WhatsApp Chat) की प्रतिलिपियां

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा: ऐसे फंसाते थे जाल में

एसटीएफ फील्ड इकाई, प्रयागराज के पुलिस उपाधीक्षक श्री शैलेश प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण और निरीक्षक श्री जय प्रकाश राय के नेतृत्व में गठित टीम (जिसमें उपनिरीक्षक विनय तिवारी व अन्य मुख्य आरक्षी शामिल थे) ने जब आरोपियों से कड़ी पूछताछ की, तो इस रैकेट का पूरा तौर-तरीका (Modus Operandi) सामने आया:

  • मोटी रकम की डिमांड: सरगना राजू कुमार मांझी ने कुबूल किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर यूपी पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2025 व अन्य कई प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले अभ्यर्थियों को निश्चित सफलता का प्रलोभन देते थे और उनसे एडवांस के रूप में तथा काम होने के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे

  • काम का बंटवारा: इस गिरोह में छोटे लाल यादव का मुख्य काम ऐसे सीधे-साधे और कमजोर अभ्यर्थियों की तलाश करना, उनके मूल या छायाप्रति दस्तावेज (जैसे प्रवेश पत्र व अंकपत्र) हासिल करना और पैसों का कलेक्शन करना था। अवैध रूप से वसूली गई इस भारी-भरकम राशि को ये लोग आपस में बांट लेते थे

सरगना का पुराना आपराधिक इतिहास और दर्ज मुकदमे

एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी राजू कुमार मांझी एक शातिर और पेशेवर जालसाज है। इससे पहले भी वर्ष 2022 में बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी और ठगी करने के आरोप में उसे प्रयागराज के धूमनगंज थाने की पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है

क०सं० मुकदमा अपराध संख्या (मु०अ०सं०) संबंधित कानूनी धाराएं थाना संबंधित जनपद/कमिश्नरेट
1. 40/2022 धारा 406/419/420 (भारतीय दंड विधान – IPC) धूमनगंज

कमिश्नरेट प्रयागराज

2. 162/2026 धारा 318(4) (भारतीय न्याय संहिता – BNS 2023) मुगरा बादशाहपुर

जौनपुर

वर्तमान कार्रवाई के बाद इन दोनों अभियुक्तों के खिलाफ थाना मुगरा बादशाहपुर (जौनपुर) में मु०अ०सं०-162/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा-318 (4) (धोखाधड़ी/ठगी) का नया अभियोग पंजीकृत कराया गया है। एसटीएफ द्वारा आरोपियों को स्थानीय पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है, और आगे की कड़ी विधिक व दंडात्मक कार्रवाई स्थानीय थाना पुलिस द्वारा सुनिश्चित की जा रही है


(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


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