यूपी बना सर्वाधिक GST करदाता राज्य
यूपी बना देश में सर्वाधिक जीएसटी करदाताओं वाला राज्य; सीएम योगी ने दिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,98,071 करोड़ राजस्व का लक्ष्य, कहा— ‘ईमानदार व्यापारियों को मिले सम्मान’
(लखनऊ): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राज्य कर विभाग के शासन, मुख्यालय और फील्ड स्तरीय अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय विशेष बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जोनवार अधिकारियों के कार्य प्रदर्शन की सीधी समीक्षा की और राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर (One Trillion Dollar) के लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए विभाग को ‘विश्वास आधारित प्रशासन’ का मॉडल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कर संग्रह बढ़ाने के साथ-साथ देश के विकास में योगदान देने वाले ईमानदार व्यापारियों को हर स्तर पर सुविधा, सम्मान और त्वरित न्याय मिलना चाहिए।
21.82 लाख करदाताओं के साथ यूपी देश में नंबर वन; रिटर्न और रिफंड में राष्ट्रीय औसत से आगे
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष विभाग की उपलब्धियों का एक विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया, जिसमें उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं:
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सर्वाधिक करदाता: उत्तर प्रदेश वर्तमान में 21.82 लाख सक्रिय करदाताओं के साथ पूरे भारत में सबसे अधिक जीएसटी करदाताओं वाला शीर्ष राज्य बन गया है।
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तेज रिफंड प्रक्रिया: यूपी में जीएसटी रिफंड मामलों के निस्तारण की औसत अवधि मात्र 27 दिन है, जबकि इसका राष्ट्रीय औसत 48 दिन का है। सीएम ने इसे और पारदर्शी व त्वरित बनाने को कहा ताकि व्यापारियों की कार्यशील पूंजी (Working Capital) प्रभावित न हो।
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त्वरित पंजीयन (रजिस्ट्रेशन): प्रदेश में जीएसटी पंजीयन आवेदनों के निस्तारण की औसत अवधि 8 दिन है, जो कि 14 दिन के राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर है। उत्तर प्रदेश में शत-प्रतिशत (100%) भौतिक सत्यापन की व्यवस्था लागू है।
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बेहतर रिटर्न दाखिला: देय तिथि (Due Date) तक यूपी के 90 प्रतिशत से अधिक करदाता रिटर्न दाखिल कर रहे हैं। राज्य का औसत मासिक रिटर्न दाखिला 93 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह औसत 91 प्रतिशत ही है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,98,071 करोड़ का भारी लक्ष्य; अप्रैल में 9.6% की वृद्धि
बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए राजस्व संग्रह के नए लक्ष्यों और पुरानी वसूलियों की प्रगति साझा की गई:
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नया लक्ष्य (2026-27): विभाग को चालू वित्तीय वर्ष के लिए कुल ₹1,98,071 करोड़ का विशाल लक्ष्य सौंपा गया है। इसमें जीएसटी (GST) का लक्ष्य ₹1,49,956 करोड़ तथा वैट (VAT) का लक्ष्य ₹48,115 करोड़ निर्धारित किया गया है।
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अप्रैल 2026 की प्रगति: नए वित्तीय वर्ष के पहले महीने यानी अप्रैल 2026 में राज्य ने ₹10,896 करोड़ का शानदार राजस्व संग्रह किया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 9.6 प्रतिशत अधिक है।
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जोनों का प्रदर्शन: अप्रैल 2026 में गौतमबुद्ध नगर जोन ने ₹1506 करोड़ के संग्रह के साथ 18% की वृद्धि दर्ज की। वहीं, पिछले वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष सहारनपुर जोन में 35.1% और वाराणसी प्रथम जोन में 33.2% की भारी राजस्व वृद्धि दर्ज की गई है। मुरादाबाद जोन का भी प्रदर्शन बेहतर रहा।
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पिछला राजस्व (2025-26): बीते वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश को जीएसटी एवं वैट मद से कुल ₹1,15,977 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पुनरीक्षित अनुमान का 98.8% रहा। इस संग्रह के साथ जीएसटी के मामले में यूपी देश में दूसरे स्थान पर रहा (महाराष्ट्र प्रथम, कर्नाटक तीसरे स्थान पर)। इसके अलावा, ₹2658 करोड़ की जीएसटी बकाया और ₹800 करोड़ की वैट बकाया वसूली की गई।
फर्जी फर्मों और कर चोरी पर एसआईटी का शिकंजा, 168 गिरफ्तारियां
कर चोरी रोकने और बोगस (फर्जी) फर्मों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए की गई कड़क कार्रवाई का विवरण भी मुख्यमंत्री के सामने रखा गया:
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एसआईटी की कार्रवाई: राज्य में कर चोरी पर लगाम लगाने के लिए 7 नवंबर 2025 को विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था।
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मुकदमे व अरेस्ट: बोगस फर्मों के खिलाफ कठोर रुख अपनाते हुए अब तक 477 मामलों में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है तथा 168 शातिर अपराधियों की गिरफ्तारियां की गई हैं।
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रिकवरी व इनपुट टैक्स: प्रवर्तन इकाइयों (Enforcement Units) के माध्यम से ₹2,071 करोड़ की वसूली की गई है। साथ ही ₹180 करोड़ की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को ब्लॉक किया गया है और न्यायनिर्णयन की कार्रवाई से ₹2,250 करोड़ की नई मांग सृजित की गई है।
प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब समाप्त करने और संवाद बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कर प्रणाली को पूरी तरह सरल, डिजिटल और जवाबदेह बनाने के लिए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण कड़े निर्देश जारी किए:
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पेंडेंसी खत्म हो: जीएसटी पंजीयन, रिटर्न दाखिले, रिफंड और विशेष रूप से जीएसटी अपील से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं होगी। वर्तमान में लंबित 20,697 अपीलों (जीएसटी की 18,504 व वैट की 2,193) का तय समय-सीमा के भीतर निस्तारण किया जाए।
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एआई और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग: सीएम ने कहा कि तकनीक, डेटा आधारित निगरानी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित विश्लेषण के उपयोग से कर प्रशासन की दक्षता को बढ़ाया जाए ताकि भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हो और वैध व्यापार को प्रोत्साहन मिले।
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जून से ब्लॉक स्तर पर चलेंगे शिविर: सभी 75 जिलों में ‘व्यापार बंधु’ की नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं। अब विभाग द्वारा जून 2026 से खंड (ब्लॉक) स्तर पर विशेष व्यापारी संवाद और सहायता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जहां छोटे कारोबारियों को जीएसटी 2.0 सुधारों और रिटर्न दाखिले का मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाएगा।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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