ट्रंप का दावा: शांति समझौता चाहते हैं पुतिन
यूक्रेन युद्ध पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: ‘शांति समझौता चाहते हैं पुतिन, फिर हो सकती है हमारी मुलाकात’
विशेष रिपोर्ट: दीपक
वाशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक बार फिर बड़ा बयान देकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल तेज कर दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) यूक्रेन में पिछले कई सालों से जारी भीषण युद्ध को खत्म करने के लिए ‘शांति समझौता’ (Peace Deal) करना चाहते हैं।
डलास रवाना होने से पहले ‘एयर फोर्स वन’ (Air Force One) में पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिए कि वे बहुत जल्द पुतिन के साथ एक और द्विपक्षीय (Bilateral) या त्रिपक्षीय (Trilateral) बैठक कर सकते हैं।
‘हमारी बहुत अच्छी बात हुई, दोनों नेता थक चुके हैं’ — ट्रंप
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हाल ही में हुई फोन वार्ता का जिक्र करते हुए ट्रंप ने अपनी कूटनीतिक शैली में कहा:
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पुतिन और जेलेंस्की पर कड़ा तंज: ट्रंप ने कहा, “हमारी पुतिन से बहुत अच्छी बातचीत हुई। वे समझौता करना चाहते हैं। लेकिन इस वक्त समझौते के बीच सबसे बड़ी रुकावट दो ऐसे नेता हैं जो एक-दूसरे से नफरत करते हैं (पुतिन और जेलेंस्की)”।
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भारी तबाही पर चिंता: अमेरिकी राष्ट्रपति ने युद्ध में हो रही जनहानि का हवाला देते हुए कहा कि पिछले महीने ही 25,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। दोनों देश अब लड़ते-लड़ते थक चुके हैं और वक्त आ गया है कि इस खून-खराबे पर पूर्णविराम लगे।
कुशनर और विटकॉफ के मॉस्को-कीव दौरे के बाद बढ़ी हलचल
ट्रंप का यह बयान उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ (Steve Witkoff) और दामाद जारेड कुशनर (Jared Kushner) के हालिया रूस (मॉस्को) और यूक्रेन (कीव) के गुप्त/डिप्लोमैटिक दौरे के तुरंत बाद आया है:
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ट्रिपक्षीय बैठक के संकेत: जब संवाददाताओं ने पूछा कि क्या ट्रंप, पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच कोई साझा बैठक होगी, तो उन्होंने कहा— “यह संभव है (It could happen), हमारी सकारात्मक बातचीत हुई है”।
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अंतरराष्ट्रीय संशय जारी: हालांकि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और यूरोपीय देशों का मानना है कि पुतिन अपनी प्रमुख मांगों (डोनेट्स्क और पूर्वी क्षेत्रों पर कब्जा) से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, जिससे वास्तविक शांति समझौते की राह में अब भी कई पेच फंसे हुए हैं।
वैश्विक कूटनीति पर असर
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत की राजधानी नई दिल्ली में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित हो रहा है और राष्ट्रपति पुतिन भारत में मौजूद हैं। यदि वाशिंगटन और मॉस्को के बीच शांति वार्ता पटरी पर लौटती है, तो इसका असर केवल यूरोप पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक ईंधन, खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भी व्यापक रूप से पड़ेगा।
