यूपी: डीबीटी से खातों में आए ₹1200

यूपी सरकार की बड़ी पहल: सीएम योगी ने प्राथमिक शिक्षा को दी रफ्तार, डीबीटी (DBT) से सीधे बैंक खातों में पहुंचे ₹1,200  

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में शिक्षा के लोकतंत्रीकरण और हर बच्चे की स्कूल तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 1 से 8 तक) में अध्ययनरत बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के साथ-साथ उनकी बुनियादी जरूरतों का पूरा ध्यान रख रही है। इसके तहत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से ₹1,200 की सहायता राशि सीधे अभिभावकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है।

₹1,200 की राशि से पूरी होंगी ये बुनियादी जरूरतें

पारदर्शी व्यवस्था के तहत भेजी जा रही इस वित्तीय सहायता का उपयोग छात्र-छात्राओं की दैनिक शैक्षणिक सामग्रियों की खरीद में किया जाएगा:

  • यूनिफॉर्म व स्वेटर: दो जोड़ी स्कूल ड्रेस और ठंड के मौसम के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वेटर।

  • जूता-मोजा: स्कूल यूनिफॉर्म के अनुरूप मजबूत जूते और मोजे।

  • स्कूल बैग व स्टेशनरी: अध्ययन के लिए बैकपैक, कॉपी-किताबें, पेन और पेंसिल जैसी आवश्यक स्टेशनरी।

‘बिचौलिए बाहर, सीधा फायदा अभिभावकों को’ — डीबीटी से आई पारदर्शिता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि बुनियादी ढांचे के सुधार से ही सरकारी स्कूलों में नामांकन (Enrollment) की दर में इजाफा होगा:

  • पारदर्शिता का नया मॉडल: डीबीटी प्रणाली लागू होने से सरकारी योजनाओं में होने वाले भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो गई है।

  • अभिभावकों को सशक्त बनाना: खातों में सीधे पैसे आने से माता-पिता अपनी पसंद और सही नाप के सामान बच्चों के लिए खरीद पा रहे हैं।

  • ऑपरेशन कायाकल्प का असर: राज्य में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के जरिए स्कूलों के भौतिक स्वरूप को बदलने के साथ-साथ अब छात्रों के व्यक्तिगत विकास पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार की इस लोक-कल्याणकारी योजना से राज्य के करोड़ों गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को सम्मानजनक माहौल में पढ़ाई करने का अवसर मिल रहा है।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

मिजोरम यूथ कांग्रेस की बैठक: 25 हजार खाली पदों पर संग्राम!

शाक’ ट्रेलर लॉन्च: परिणीति चोपड़ा का बड़ा खुलासा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: