नेटफ्लिक्स पर छाए रही सीरीज ग्लोरी
OTT पर ‘ग्लोरी’ का जलवा: 1 महीने बाद भी टॉप 10 में काबिज है 7 एपिसोड की यह स्पोर्ट्स ड्रामा सीरीज
रिपोर्ट: मनोरंजन ब्यूरो
(नई दिल्ली): ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स पर हर हफ्ते फिल्मों और वेब सीरीज की बाढ़ आती है, लेकिन बहुत कम कंटेंट ऐसा होता है जो दर्शकों के दिलों पर लंबी छाप छोड़ पाता है। ज्यादातर सीरीज रिलीज के एक-दो हफ्ते बाद ट्रेंडिंग लिस्ट से बाहर हो जाती हैं। इस बीच, नेटफ्लिक्स (Netflix) पर रिलीज हुई एक नई सीरीज ने ओटीटी के सारे समीकरण बदल दिए हैं। इस सीरीज को रिलीज हुए 4 हफ्तों से भी ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन दर्शकों के बीच इसका क्रेज कम होने का नाम नहीं ले रहा है और यह आज भी मजबूती से टॉप 10 की लिस्ट में टिकी हुई है।
मई की शुरुआत में रिलीज हुई थी ‘ग्लोरी’
7 एपिसोड की इस सस्पेंस और स्पोर्ट्स ड्रामा सीरीज का नाम ‘ग्लोरी’ (Glory) है। यह सीरीज 1 मई को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम की गई थी। रिलीज के पहले दिन से ही इसे दर्शकों और समीक्षकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। यही वजह है कि करीब एक महीना बीत जाने के बाद भी यह सीरीज नेटफ्लिक्स इंडिया पर नंबर 6 पर ट्रेंड कर रही है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
क्या है सीरीज की कहानी?
‘ग्लोरी’ की कहानी खेल, राजनीति, अपराध और पारिवारिक रिश्तों के ताने-बाने से बुनी गई है:
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जुनूनी बॉक्सिंग कोच: कहानी के केंद्र में एक बेहद प्रतिस्पर्धी और मेडल्स के प्रति जुनूनी बॉक्सिंग कोच हैं। ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने की उनकी इस कदर जबरदस्त चाहत होती है कि इस चक्कर में उनका हंसता-खेलता परिवार बिखर जाता है।
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कहानी में दुखद मोड़: कहानी में भयानक मोड़ तब आता है, जब कोच की बेटी पर जानलेवा हमला होता है और उनके सबसे होनहार व प्रिय शिष्य निहाल सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी जाती है। इस त्रासदी के बाद कोच के बिछड़े हुए बेटे—देव और रवि—लंबे समय बाद वापस अपने घर लौटते हैं।
खाप पंचायत और खनन माफिया का काला जाल
शिष्य की हत्या और बहन पर हुए हमले के बाद जब स्थानीय पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी और खाप पंचायतें इस जघन्य अपराध को जल्द से जल्द दबाने और सच को खामोश करने की कोशिश करते हैं, तो दोनों भाई देव और रवि न्याय के लिए खुद मैदान में उतरने का फैसला करते हैं। वे इस पूरे मामले की बागडोर अपने हाथों में ले लेते हैं।
इस खूनी साजिश की तह तक पहुंचने के लिए दोनों भाइयों को स्थानीय रंजिशों, इलाके के खतरनाक खनन माफियाओं और जातिगत गौरव (Caste Pride) की गहरी जड़ों वाले एक बेहद अंधेरे और खौफनाक जाल से गुजरना पड़ता है। खेल की पृष्ठभूमि पर बनी यह क्राइम-थ्रिलर सीरीज अंत तक दर्शकों को बांधे रखती है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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