तमिलनाडु चुनाव 2026: AIADMK रिजॉर्ट पॉलिटिक्स
तमिलनाडु में ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ की वापसी: जोड़-तोड़ के डर से AIADMK ने विधायकों को भेजा पुडुचेरी
चेन्नई/पुडुचेरी: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों के बाद राज्य में राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल गहरा गया है। त्रिशंकु विधानसभा (Hung Assembly) की स्थिति के बीच खरीद-फरोख्त (Horse-trading) की आशंका को देखते हुए AIADMK ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों को सुरक्षित रखने के लिए पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के एक रिजॉर्ट में भेज दिया है।
रिजॉर्ट पॉलिटिक्स के पीछे का कारण
एआईएडीएमके के प्रवक्ता कोवई सत्यन ने विधायकों को पुडुचेरी भेजे जाने की पुष्टि की है। हालांकि उन्होंने विधायकों की संख्या का खुलासा नहीं किया, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह कदम पार्टी में संभावित टूट को रोकने के लिए उठाया गया है।
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TVK की ओर झुकाव: ऐसी खबरें थीं कि AIADMK के कुछ विधायक अभिनेता विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने के पक्ष में हैं, जिससे पार्टी नेतृत्व में खलबली मच गई।
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बातचीत का विफल होना: एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, उन्होंने टीवीके को ‘बिना शर्त समर्थन’ का प्रस्ताव दिया था, लेकिन बुधवार दोपहर तक विजय की ओर से कोई सकारात्मक जवाब न मिलने के बाद एआईएडीएमके ने अपना प्रस्ताव वापस ले लिया और अपने विधायकों को एकजुट रखने का फैसला किया।
विधानसभा चुनाव 2026 की स्थिति (कुल सीटें: 234)
इस चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत (मैजिक नंबर 118) नहीं मिला है:
| पार्टी | सीटें जीतीं |
| TVK (तमिलगा वेत्री कड़गम) | 108 (सबसे बड़ी पार्टी) |
| DMK (द्रमुक) | 59 |
| AIADMK (अन्नाद्रमुक) | 47 |
| INC (कांग्रेस) | 05 |
| अन्य (PMK, वाम दल, आदि) | 15 |
सत्ता का समीकरण
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TVK का दावा: विजय के नेतृत्व वाली टीवीके 108 सीटों के साथ बहुमत के करीब है। कांग्रेस (5 सीटें) ने पहले ही उन्हें समर्थन दे दिया है, जिससे उनका आंकड़ा 113 तक पहुंच गया है, लेकिन वे अभी भी बहुमत से 5 सीटें दूर हैं।
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कांग्रेस की शर्त: कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने के लिए ‘सांप्रदायिक ताकतों’ से दूर रहने की शर्त रखी है।
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AIADMK का रुख: पार्टी महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) ने साफ कर दिया है कि वे अब टीवीके को समर्थन नहीं देंगे और न ही डीएमके के साथ जाने की कोई संभावना है।
आगे क्या?
फिलहाल तमिलनाडु में सरकार बनाने की रस्साकशी जारी है। जहां विजय (TVK) छोटी पार्टियों और निर्दलीयों के जरिए बहुमत जुटाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं AIADMK अपने ‘कुनबे’ को बचाने में जुटी है। आने वाले कुछ दिन राज्य की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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