STF और CBI ने गांजे के साथ 4 तस्करों को दबोचा
देवरिया: सेना के जवानों के सामान की आड़ में गांजे की तस्करी, एसटीएफ और एनसीबी ने 1.20 करोड़ के गांजे के साथ 4 तस्करों को दबोचा
प्रेस नोट संख्या: 164
दिनांक: 03 जून 2026
(देवरिया/लखनऊ): उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की संयुक्त टीम ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने देवरिया जनपद से एक अंतरराज्यीय गिरोह के 4 शातिर तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लगभग 4.03 क्विंटल (403 किलोग्राम) अवैध गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत करीब 1.20 करोड़ रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
-
आशीष पाण्डेय पुत्र किशोर पाण्डेय (निवासी: मवर, थाना सिंहपुर, जनपद सतना, मध्य प्रदेश)।
-
संदीप कोल पुत्र राजेश कोल (निवासी: डिलौरा, थाना सिंहपुर, जनपद सतना, मध्य प्रदेश) — वाहन चालक।
-
रितेश जायसवाल पुत्र स्वर्गीय नंदू (निवासी: गौरा बरहज, जनपद देवरिया) — मुख्य अभियुक्त।
-
आदर्श जायसवाल पुत्र पवन जायसवाल (निवासी: गौरा बरहज, जनपद देवरिया)।
बरामदगी का विवरण
तस्करों के कब्जे और मुख्य अभियुक्त के घर से निम्नलिखित सामान बरामद किया गया है (जिसमें 2.03 क्विंटल गाड़ी से और 02 क्विंटल घर से बरामद हुआ):
-
लगभग 04.03 क्विंटल गांजा (कीमत करीब 1.20 करोड़ रुपये)
-
01 अदद महिंद्रा पिकअप वाहन (संख्या: MP19 ZR2255)
-
06 अदद मोबाइल फोन और ₹14,850 नकद
-
01 ई-श्रम कार्ड, 02 आधार कार्ड, 01 निर्वाचन कार्ड और 01 पैन कार्ड
-
02 एटीएम कार्ड और 01 इलेक्ट्रॉनिक तराजू
-
03 लोहे के बॉक्स (जिस पर सेना के जवानों के नाम पते के पर्चे थे), 01 पुराना वाटर कूलर, 01 खराब फ्रिज और 01 पुरानी छोटी साइकिल (तस्करी छिपाने के लिए इस्तेमाल सामान)गिरफ्तारी का स्थान व समय: यह गिरफ्तारी लार से सलेमपुर जाने वाले मार्ग पर स्थित ग्राम सहला, दुर्गा मंदिर के पास (थाना क्षेत्र सलेमपुर, जनपद देवरिया) से 03 जून 2026 को सुबह लगभग 10:00 बजे की गई।
CRPF जवानों का फर्जी नाम लिखकर ऐसे हो रही थी तस्करी
श्री सत्यसेन यादव (अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, लखनऊ) के पर्यवेक्षण में निरीक्षक प्रमोद कुमार वर्मा के नेतृत्व वाली टीम देवरिया में सक्रिय थी। इस दौरान उप-निरीक्षक वीरेंद्र सिंह यादव और उनकी टीम (मुख्य आरक्षी शशांक सिंह, प्रभात कुमार, नीरज मिश्रा, अमित यादव) को एनसीबी के साथ एक सटीक सूचना मिली।
-
मीसामारी छावनी (असम) से जुड़ा था नेटवर्क: मुख्य अभियुक्त रितेश जायसवाल ने पूछताछ में बताया कि वह काफी समय से असम के मीसामारी निवासी टिंकू मंसूर के संपर्क में था। टिंकू ही वहां से गांजे की खेप और गाड़ी भिजवाता था।
-
चेकिंग से बचने का हथकंडा: चालक संदीप कोल और उसका साथी आशीष पाण्डेय महिंद्रा पिकअप से सामान पहुंचाने असम गए थे। वहां टिंकू मंसूर ने उन्हें देवरिया माल पहुंचाने के लिए ₹20,000 किराए का लालच दिया। 01 जून 2026 की रात को मीसामारी छावनी एरिया में पिकअप के भीतर गांजा लोड किया गया। रास्ते में पुलिस चेकिंग से बचने के लिए उन्होंने प्लेन पेपर पर CRPF लिखकर गाड़ी के शीशे पर चिपका दिया था। इसके साथ ही लोहे के बक्से पर सीआरपीएफ जवानों के फर्जी नाम-पते लिख दिए गए थे ताकि लगे कि किसी फौजी के घर का घरेलू सामान (फ्रिज, पुराना कूलर, साइकिल) ट्रांसफर हो रहा है।
-
स्थानीय स्तर पर सप्लाई: असम से आने वाली इस खेप को रितेश जायसवाल और उसका चचेरा भाई आदर्श जायसवाल देवरिया तथा आसपास के जिलों में अपने ग्राहकों को 5 से 10 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से ऊंचे दामों पर बेच देते थे।
अग्रिम कानूनी कार्रवाई
इस गिरोह के पकड़े जाने से अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को करारा झटका लगा है। गिरफ्तार किए गए चारों तस्करों के खिलाफ एनसीबी (NCB) द्वारा मु०अ०सं० 04/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/25/29/60 (3) के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर आगे की विधिक और दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

आयुष्मान कार्ड गिरोह का सदस्य चक्रशेरू गिरफ्तार!


