यूपी कैबिनेट मीटिंग में 24 बड़े फैसले

यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: 18 शहरों में दौड़ेंगी 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसें, मक्के की MSP खरीद नीति को भी मंजूरी

रिपोर्ट: सोशल मीडिया डेस्क (लखनऊ)

(लखनऊ): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार शाम को लोकभवन में कैबिनेट की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई [cite: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार शाम आयोजित कैबिनेट बैठक में, लखनऊ, 3 जून।*]. इस बैठक में प्रदेश के विकास, शहरी परिवहन, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और किसानों के कल्याण से जुड़े कुल 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को राज्य सरकार की ओर से हरी झंडी दे दी गई है [cite: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को मिली स्वीकृति, कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों की विस्तृत जानकारी देते हुए वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कुल 24 प्रस्तावों को कैबिनेट की ओर से स्वीकृति दी गई।]. वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन फैसलों की विस्तृत जानकारी साझा की [cite: कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों की विस्तृत जानकारी देते हुए वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कुल 24 प्रस्तावों को कैबिनेट की ओर से स्वीकृति दी गई।].

1. 18 शहरों में चलेंगी 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसें

उत्तर प्रदेश के शहरी परिवहन को हाईटेक, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लिया है [cite: *18 शहरों में 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसें चलाएगी योगी सरकार, नगरीय परिवहन को मिलेगा आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल स्वरूप]:

  • जीसीसी मॉडल पर संचालन: राज्य के 18 प्रमुख शहरों में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (GCC) मॉडल के आधार पर कुल 1,725 वातानुकूलित (एसी) इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा [cite: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार शाम आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के 18 शहरों में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल पर 1725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई।]. यह अनुबंध पूरे 12 वर्षों के लिए होगा [cite: इन बसों का संचालन निजी ऑपरेटरों द्वारा जीसीसी मॉडल पर किया जाएगा और अनुबंध की अवधि वाणिज्यिक संचालन तिथि से 12 वर्ष होगी।].

  • इन शहरों को मिलेगा लाभ: आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा (जेवर सहित) में 9 मीटर और 12 मीटर की श्रेणियां वाली बसें चलेंगी [cite: योजना के तहत आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी तथा नोएडा (जेवर सहित) में 9 मीटर और 12 मीटर श्रेणी की कुल 1725 एसी ई-बसों का संचालन किया जाएगा।].

  • ऑपरेटरों को अनुदान: बसों की खरीद से लेकर रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी निजी ऑपरेटरों की होगी [cite: जीसीसी मॉडल के अंतर्गत बसों की खरीद,充电 इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना, चालक एवं तकनीकी कर्मियों की उपलब्धता, बसों का संचालन और अनुरक्षण की पूरी जिम्मेदारी निजी ऑपरेटरों की होगी।]. सरकार द्वारा 12 मीटर की बस पर ₹40 लाख और 9 मीटर की बस पर ₹35 लाख प्रति बस की दर से सब्सिडी (अनुदान) दी जाएगी. डिपो के लिए जमीन संबंधित नगर निगम और नोएडा अथॉरिटी बिल्कुल मुफ्त देगी [cite: परियोजना के लिए आवश्यक डिपो निर्माण हेतु भूमि संबंधित नगर निगमों और नोएडा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।].

2. आगरा, बरेली और प्रयागराज में विकसित होंगे ‘नए शहर’

बढ़ती शहरी आबादी को बेहतर आवासीय व्यवस्था देने के लिए ‘मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना’ के तहत बड़ा निर्णय हुआ है [cite: *आगरा, बरेली व प्रयागराज में नए शहरों के विकास को मंजूरी, प्रदेश सरकार द्वारा तेजी से बढ़ती शहरी आबादी को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा शहरों के नियोजित विस्तार के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना लागू की गई है।]:

  • सीड कैपिटल को मंजूरी: इन तीनों जिलों में नए शहरों के सुनियोजित विकास के लिए संबंधित विकास प्राधिकरणों को कुल ₹355.06 करोड़ की सीड कैपिटल (Seed Capital) स्वीकृत की गई है [cite: इसी के अंतर्गत आगरा, बरेली व प्रयागराज में प्रस्तावित नए शहरों के विकास हेतु संबंधित अभिकरणों को कुल 355.06 करोड़ रुपये तक की सीड कैपिटल अनुमन्य की गई है।].

  • पहली किस्त जारी: इसके सापेक्ष पहली किस्त के रूप में ₹225 करोड़ की वित्तीय मंजूरी देते हुए धनराशि जारी कर दी गई है [cite: *प्रथम किस्त के रूप में 225 करोड़ रुपये जारी होंगे, इसके सापेक्ष प्रथम किस्त के रूप में 225 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए धनराशि अवमुक्त करने का निर्णय लिया गया है।]. वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए कुल ₹3,500 करोड़ का प्रावधान रखा गया है.

3. मक्का खरीद नीति स्वीकृत, ₹2,400 MSP तय

किसानों के हित में कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 (रबी फसल) के लिए मक्का खरीद नीति को अपनी मंजूरी दी है [cite: कैबिनेट बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 (रबी फसल) के लिए मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत मक्का खरीद नीति को मंजूरी प्रदान की गई।]:

  • खरीद की अवधि: उत्तर प्रदेश के 25 चिन्हित जनपदों में 15 जून 2026 से 31 जुलाई 2026 तक मक्के की सरकारी खरीद की जाएगी, जिसके लिए 150 क्रय केंद्र बनेंगे [cite: कैबिनेट के निर्णय के अनुसार प्रदेश में मक्का खरीद 15 जून 2026 से 31 जुलाई 2026 तक की जाएगी। इसके लिए फिरोजाबाद, आगरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बदायूं, शाहजहांपुर, रामपुर, संभल, बुलंदशहर, हापुड़, कानपुर नगर, औरैया, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई, उन्नाव, बहराइच, बलिया, गोंडा, फतेहपुर और मिर्जापुर कुल 25 जनपदों में 150 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे।].

  • समर्थन मूल्य और लक्ष्य: मक्के का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,400 प्रति क्विंटल तय किया गया है और इस बार 25 हजार मीट्रिक टन खरीद का प्रारंभिक लक्ष्य है [cite: सरकार ने मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश में 25 हजार मीट्रिक टन मक्का खरीद का कार्यकारी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।].

  • 48 घंटे में भुगतान: किसानों की खतौनी और रकबे का ऑनलाइन भूलेख पोर्टल से सत्यापन होगा तथा मक्के की खरीद के अधिकतम 48 घंटे के भीतर भुगतान सीधे किसानों के आधार लिंक बैंक खातों (PFMS के जरिए) में भेज दिया जाएगा [cite: इसके साथ ही भूमि और बोए गए रकबे का सत्यापन भूलेख पोर्टल से ऑनलाइन कराया जाएगा। योगी सरकार ने किसानों को त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था की है कि क्रय एजेंसियों द्वारा खरीदे गए मक्का का मूल्य पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से किसानों के आधार लिंक एवं एनपीसीआई मैप्ड बैंक खातों में यथासंभव 48 घंटे के भीतर हस्तांतरित किया जाएगा।].

4. जेलों में ‘अप्राकृतिक मृत्यु’ पर मुआवजा नीति और 5 नई जेलें

कैबिनेट ने मानवाधिकारों की रक्षा और कारागार प्रशासन में पारदर्शिता के लिए “उत्तर प्रदेश बंदी मृत्यु एवं मुआवजा भुगतान नीति” को मंजूरी दी है [cite: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के कारागारों में निरुद्ध बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु के मामलों में मृतक बंदियों के आश्रितों अथवा निकटस्थ परिजनों को मुआवजा भुगतान के लिए “उत्तर प्रदेश बंदी मृत्यु एवं मुआवजा भुगतान नीति” बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई।, नई नीति का उद्देश्य बंदियों के मानवाधिकारों की रक्षा, कारागार प्रशासन में पारदर्शिता तथा पीड़ित परिवारों को समयबद्ध राहत सुनिश्चित करना है।]. अब बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु होने पर आश्रितों को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के लंबे अनुमोदन के बजाय राज्य की नीति के तहत त्वरित और सुव्यवस्थित ढंग से मुआवजा मिल सकेगा [cite: वर्तमान में बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु के मामलों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली की संस्तुतियों के आधार पर मुआवजा भुगतान की व्यवस्था प्रचलित है। हालांकि इस प्रक्रिया में विभिन्न स्तरों पर अनुमोदन और औपचारिकताओं के कारण मृतक बंदियों के आश्रितों को मुआवजा मिलने में अपेक्षाकृत अधिक समय लग जाता था। इसी समस्या के समाधान के लिए योगी सरकार ने एक स्पष्ट और संस्थागत नीति बनाने का निर्णय लिया है।].

इसके साथ ही, राज्य की जेलों में कैदियों की अत्यधिक भीड़भाड़ को कम करने के लिए ₹1460 करोड़ की लागत से 5 जिलों में सर्वसुविधायुक्त नवीन जिला कारागार बनाए जाएंगे [cite: *1460 करोड़ रुपये से पांच नए जिला कारागारों का होगा निर्माण, इन परियोजनाओं पर 1460 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। सरकार का उद्देश्य कारागारों में भीड़भाड़ कम करना…]:

  • मुरादाबाद: 2000 क्षमता (लागत ₹386.91 करोड़) [cite: निर्णय के अनुसार मुरादाबाद में 2000 बंदी क्षमता का नया जिला कारागार 386.91 करोड़ रुपये की लागत से,]

  • कानपुर नगर: 2030 क्षमता (लागत ₹384.05 करोड़)

  • औरैया: 1056 क्षमता (लागत ₹264.96 करोड़)

  • ललितपुर: 552 क्षमता (लागत ₹225.06 करोड़)

  • भदोही: 574 क्षमता (लागत ₹209.18 करोड़)

कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले:

  • यूपी सेमीकंडक्टर नीति-2024 में संशोधन: भारत सरकार के ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के साथ बेहतर सामंजस्य बिठाने और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए वर्तमान नीति में जरूरी संशोधन किए गए हैं [cite: योगी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की।, बदलते औद्योगिक परिदृश्य, निवेशकों की आवश्यकताओं, अन्य राज्यों से प्रतिस्पर्धा तथा भारत सरकार के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के साथ बेहतर सामंजस्य स्थापित करने के लिए नीति में संशोधन आवश्यक था।]. निवेशकों को कम से कम 3 साल तक कमर्शियल प्रोडक्शन जारी रखने की प्रतिबद्धता देनी होगी [cite: नीति के तहत निवेशकों को परियोजना के वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की तिथि से कम से कम 3 वर्षों तक उत्पादन संचालन बनाए रखने की प्रतिबद्धता देनी होगी।]. इससे सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा.

  • अवैध निर्माणों का विनियमतीकरण (SOP): विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में जिला पंचायतों द्वारा पूर्व में पास किए गए नक्शों/मानचित्रों को वैध (विनियमतीकरण) करने का रास्ता साफ हो गया है [cite: योगी कैबिनेट ने विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में जिला पंचायतों द्वारा स्वीकृत किए गए मानचित्रों के विनियमतीकरण तथा…]. इसके अतिरिक्त, जिन विस्तारित विकास क्षेत्रों में अभी महायोजना (Master Plan) लागू नहीं है, वहां नक्शा पास करने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तय किया गया है [cite: विकास क्षेत्र, विस्तारित विकास क्षेत्र एवं विनियमित क्षेत्रों में, जहां अभी महायोजना तैयार नहीं है, वहां मानचित्र स्वीकृति के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है।].

  • मोहनलालगंज में नया उप निबंधक (Sub-Registrar) कार्यालय: लखनऊ के मोहनलालगंज (ग्राम मऊ) में जमीनों व दस्तावेजों की रजिस्ट्री को सुगम बनाने के लिए 953 वर्गमीटर सरकारी भूमि स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को निशुल्क हस्तांतरित की जाएगी [cite: योगी कैबिनेट ने जनपद लखनऊ के मोहनलालगंज में नए उप निबंधक कार्यालय के निर्माण हेतु भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।, कैबिनेट के निर्णय के अनुसार ग्राम मऊ, परगना एवं तहसील मोहनलालगंज स्थित कुल 953 वर्गमीटर भूमि राजस्व विभाग से स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को हस्तांतरित की जाएगी।]. इस भूमि के पट्टे पर लगने वाले स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन शुल्क से पूरी छूट दी गई है [cite: कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि राजस्व विभाग द्वारा स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग को उक्त भूमि हस्तांतरण से संबंधित पट्टा विलेख पर स्टाम्प शुल्क तथा पंजीकरण शुल्क से पूर्ण छूट प्रदान की जाएगी।].

  • सरकारी वकीलों (राज्य विधि अधिकारियों) की फीस बढ़ी: विभिन्न जिला अदालतों, इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार का पक्ष रखने वाले वकीलों की रिटेनरशिप और प्रति सुनवाई (बहस) फीस को 10-15 साल बाद आखिरकार बढ़ा दिया गया है, ताकि मुकदमों की और प्रभावी पैरवी हो सके [cite: कैबिनेट बैठक में राज्य विधि अधिकारियों को दी जाने वाली रिटेनरशिप एवं प्रति सुनवाई फीस में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई।, वर्तमान में उन्हें देय रिटेनरशिप एवं बहस शुल्क का निर्धारण 10 से 15 वर्ष पूर्व जारी शासनादेशों के आधार पर किया जा रहा था।].

  • झांसी व कानपुर को लेकर फैसले: झांसी में पशु कल्याण गतिविधियों के लिए पशुपालन विभाग की 5 एकड़ जमीन पर निजी संस्था के सहयोग से ‘गोआश्रय और पशु सेवा केंद्र’ खोलने के लिए MOU को मंजूरी मिली है [cite: झांसी में गोआश्रय और पशु सेवा केंद्र के लिए एमओयू को मंजूरी, पशुपालन विभाग की 5 एकड़ भूमि पर निजी संस्था के सहयोग से संचालित होंगी पशु कल्याण गतिविधियां]. वहीं कानपुर में दो ESI अस्पतालों का आपस में स्थानांतरण (एक्सचेंज) किया गया है. राज्य सरकार का पांडुनगर अस्पताल अब केंद्र सरकार संभालेगी और केंद्र का जाजमऊ अस्पताल राज्य सरकार को सौंपा जाएगा.


(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


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