Singrauli Spoon Scam: मध्य प्रदेश के सिंगरौली में महिला बाल विकास विभाग का अनोखा कारनामा; 810 रुपए में खरीदी चम्मच और 1247 रुपए का जग, लोकायुक्त जांच की मांग
“मप्र के सिंगरौली में अनोखा ‘चम्मच घोटाला’: महिला बाल विकास विभाग ने 810 रुपए में खरीदी एक चम्मच, 1247 रुपए में जग; नेता प्रतिपक्ष ने की लोकायुक्त जांच की मांग”
विशेष खोजी एवं प्रशासनिक भ्रष्टाचार रिपोर्ट (ऑल RIGHTs मैगजीन)
भोपाल / सिंगरौली: उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बाद अब पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में एक ऐसा अजीबोगरीब और हैरान करने वाला भ्रष्टाचार सामने आया है, जिसने सियासत गरमा दी है। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में महिला बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ियों के लिए खरीदे गए बर्तनों के दाम सुनकर हर कोई दंग रह गया है।
विभाग की क्रय प्रक्रिया के तहत एक साधारण सी चम्मच 810 रुपए और पानी का एक जग 1247 रुपए की भारी-भरकम कीमत पर खरीदा गया है। इस खुलासे के बाद से प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है।
1. क्या है पूरा ‘चम्मच घोटाला’ और कैसे हुआ खुलासा?
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आंगनबाड़ियों के लिए खरीद: सिंगरौली जिले में महिला बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और बच्चों के उपयोग के नाम पर बर्तन व अन्य सामान खरीदे गए थे।
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अतिरंजित दरें (Exorbitant Rates): जब इन खरीद के कागजातों और बिलों की पड़ताल की गई, तो पता चला कि बाजार में बेहद कम कीमत में मिलने वाली सामान्य वस्तुएं सरकारी फाइलों में आसमान छूते दामों पर खरीदी गई हैं:
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एक चम्मच की कीमत: ₹810
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एक सर्विंग चम्मच: अत्यधिक और अवास्तविक दाम
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एक जग की कीमत: ₹1,247
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2. राजनीतिक भूचाल और तीखी प्रतिक्रियाएं
इस मामले के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है।
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लोकायुक्त और EOW से जांच की मांग: मध्य प्रदेश विधानसभा के उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने इस खरीद को सीधा-सीधा सरकारी धन की लूट और भ्रष्टाचार करार दिया है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच लोकायुक्त (Lokayukta) और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) से कराई जानी चाहिए।
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विधानसभा में गूंजेगा मुद्दा: विपक्षी नेताओं का कहना है कि आंगनबाड़ियों के नाम पर आने वाले गरीब बच्चों के बजट में इस तरह की वित्तीय अनियमितता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगामी विधानसभा सत्र में इस घोटाले को जोर-शोर से उठाया जाएगा।
3. ‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण: सरकारी धन का दुरुपयोग और प्रशासनिक जवाबदेही
सरकारी योजनाओं में इस तरह के अत्यधिक बढ़े हुए दामों पर सामान खरीदना यह दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार किस हद तक पैठ बना चुका है। जब तक ऐसे मामलों में दोषी अधिकारियों और सप्लायरों के खिलाफ कठोर आपराधिक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक सरकारी खजाने की लूट को रोकना असंभव है।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ प्रशासनिक भ्रष्टाचार, जनहित के मुद्दों और राज्यों की वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी हर खबर को पूरी प्रमाणिकता के साथ अपने पाठकों तक पहुँचाती है।
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