शोध फाउंडेशन का अन्वेषण 2.0 संपन्न
शोध फाउंडेशन के ‘अन्वेषण 2.0’ का समापन: 170 छात्रों ने पूरी की 6 सप्ताह की शोध इंटर्नशिप
विशेष रिपोर्ट: शिक्षा व नवाचार ब्यूरो (आशीष रंजन)
नई दिल्ली: शोध फाउंडेशन द्वारा आयोजित छह सप्ताह के ग्रीष्मकालीन विज्ञान इंटर्नशिप कार्यक्रम ‘अन्वेषण 2.0’ का बुधवार को रामजस कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय) के सभागार में भव्य समापन हुआ। यह महत्वाकांक्षी कार्यक्रम NIPAM, CIIDRET, दिल्ली विश्वविद्यालय दक्षिण परिसर, रामजस कॉलेज, शहीद राजगुरु कॉलेज और आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया था।
इसके तहत दिल्ली, वाराणसी, हैदराबाद और शिमला से चयन प्रक्रिया के जरिए चुने गए 170 स्नातक विज्ञान (B.Sc) विद्यार्थियों ने देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में व्यावहारिक शोध प्रशिक्षण हासिल किया।
“NEP का लक्ष्य आलोचनात्मक चिंतन और नवाचार को बढ़ावा देना” — मंत्री आशीष सूद
समारोह के मुख्य अतिथि दिल्ली सरकार के गृह एवं शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद ने अपने संबोधन में कहा:
“राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को रटने की पुरानी परिपाटी से निकालकर आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking), नवाचार और कौशल-आधारित शिक्षा की दिशा में ले जाना है। विद्यार्थियों को स्नातक स्तर पर ही वरिष्ठ वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन और आधुनिक लैब्स का व्यावहारिक अनुभव मिलना भारत में शोध संस्कृति को नई मजबूती देगा।”
उन्होंने दिल्ली सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य के सरकारी स्कूलों में 9,000 स्मार्ट बोर्ड, 100 से अधिक भाषा विकास कार्यक्रम और 175 से अधिक ICT लैब्स स्थापित की जा चुकी हैं।
4 शहरों तक पहुंचा अन्वेषण कार्यक्रम
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विस्तार और R&D: विशिष्ट अतिथि व सामाजिक चिंतक श्री आशीष चौहान ने बताया कि वर्ष 2025 में दिल्ली के 50 छात्रों से शुरू हुआ यह अभियान अब देश के 4 प्रमुख शहरों के 170 छात्रों तक विस्तार ले चुका है। उन्होंने भारत में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया।
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स्टेम सेल और आधुनिक चिकित्सा: एम्स (AIIMS) की प्रो. सुजाता मोहंती ने स्टेम सेल को “मदर सेल” बताते हुए कहा कि प्लेसेंटा की एम्नियोटिक झिल्ली भविष्य में पुनर्योजी चिकित्सा (Regenerative Medicine) के क्षेत्र में क्रांतिकारी साबित होगी।
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स्नातक स्तर पर शोध: रामजस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अजय अरोड़ा ने कहा कि यह पहल स्नातक छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने में बेहद कारगर है।
“6 Weeks to 6 Years” की सोच
यह पूरी पहल “6 Weeks to 6 Years” की अनूठी अवधारणा पर आधारित है, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित कर उन्हें दीर्घकालिक शोध करियर के लिए प्रेरित करना है। समापन समारोह में सभी सहभागी छात्रों, शोध सलाहकारों और सहयोगी संस्थानों को सम्मानित किया गया।
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ऑल Rights मैगज़ीन (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल

