छात्रों की गूंज: सिस्टम पर सवाल
छात्रों की गूंज: ‘करप्ट एजुकेशन सिस्टम’ और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों ने बुलंद की आवाज
नई दिल्ली: देश के करोड़ों छात्र-छात्राओं और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया और विभिन्न अकादमिक मंचों पर ‘छात्रों की गूंज’ नाम से एक राष्ट्रव्यापी डिजिटल अभियान तेज हो गया है। इस अभियान के जरिए वर्तमान शिक्षा प्रणाली, बार-बार होने वाले पेपर लीक और प्रशासनिक गड़बड़ियों के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि यह सिर्फ एक सामान्य अभियान नहीं, बल्कि देश के उन करोड़ों होनहार छात्रों की गूंजती हुई आवाज है, जिन्हें मौजूदा एजुकेशन सिस्टम की कमियों के कारण मानसिक तनाव और धोखे का सामना करना पड़ा है।
NEET पेपर लीक और प्रशासनिक गड़बड़ियों पर उठाए सवाल
आक्रोशित छात्रों और युवाओं ने देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक NEET (नीट) पेपर लीक और CBSE (सीबीएसई) जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में सामने आने वाली प्रशासनिक विसंगतियों को लेकर सीधे तौर पर व्यवस्था को आड़े हाथों लिया है। अभियान के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
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सपनों से खिलवाड़: छात्रों का आरोप है कि सालों की कड़ी मेहनत के बाद जब परीक्षाएं लीक हो जाती हैं, तो यह सीधे तौर पर उनके सुरक्षित भविष्य और सपनों के साथ खिलवाड़ है।
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सिस्टम में सुधार की मांग: इस करप्ट और लचर पड़ चुके एजुकेशन सिस्टम के बुनियादी ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन (Complete Overhaul) करने की पुरजोर वकालत की जा रही है।
सुरक्षित भविष्य और व्यवस्था परिवर्तन का संकल्प
‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत देश भर के युवाओं, अभिभावकों और छात्र संगठनों से एकजुट होने की अपील की जा रही है। अभियान के रणनीतिकारों का स्पष्ट कहना है कि अब युवा इस अन्याय को मूकदर्शक बनकर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
✊ एकजुटता का आह्वान: “हम सब साथ मिलकर इस भ्रष्ट प्रशासनिक रवैये को बदलेंगे और देश के छात्रों को एक ऐसा पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष भविष्य प्रदान करेंगे, जहां किसी भी छात्र की योग्यता और उसके सपने किसी धांधली की भेंट न चढ़ सकें।”
इस अभियान को देश भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कोचिंग हब्स (जैसे कोटा, दिल्ली और प्रयागराज) के छात्रों का भारी समर्थन मिल रहा है, जो परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता और सख्त कानून बनाने की मांग कर रहे हैं।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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